उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: कैंची धाम के जाम पर नाराज केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, बैठक में अधिकारियों को दिया चार दिन का अल्टीमेटम बोले- मैं और हमारी सरकार क्यों खाए जनता की गाली?
हल्द्वानी: कैंची धाम, नैनीताल और काठगोदाम में लगातार लग रहे जाम को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की। शनिवार को सर्किट हाउस में पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए चार दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल कागजों पर योजना बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर उसका असर दिखाई देना चाहिए। बैठक में केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि सरकार का काम विकास कार्यों के लिए पैसा उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि धरातल पर काम नहीं होता तो जनता की नाराजगी जनप्रतिनिधियों और सरकार को झेलनी पड़ती है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “मैं लोगों की गाली क्यों खाऊं, हमारी सरकार क्यों गाली खाए? जब व्यवस्था में सुधार नहीं होगा तो जनता की नाराजगी हमें झेलनी पड़ती है।” वीकेंड के दौरान काठगोदाम, नैनीताल और कैंची धाम मार्ग पर लगने वाले जाम से स्थानीय लोगों, पर्यटकों और दूसरे शहरों से आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए मंत्री ने अधिकारियों को यातायात व्यवस्था की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।केंद्रीय मंत्री ने भवाली और अल्मोड़ा की ओर जाने वाले यात्रियों को ज्योलीकोट मार्ग से भेजने की व्यवस्था पर भी जोर दिया। इसका उद्देश्य हल्द्वानी में वाहनों का दबाव कम करना और यातायात को सुचारु बनाना है। अजय टम्टा ने अधिकारियों को चार दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार लाने की समयसीमा देते हुए चेतावनी दी कि निर्धारित समय में अपेक्षित परिणाम नहीं दिखे तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि मंत्री के अल्टीमेटम के बाद यातायात व्यवस्था में कितना सुधार होता है और आम जनता को जाम से कब तक राहत मिल पाती है।



