उत्तराखण्ड
नैनीताल : पटवाडॉगर कुमाऊं विश्वविद्यालय के मेरु परिसर का उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने किया शिलान्यास…
पटवाडॉगर कुमाऊं विश्वविद्यालय के मेरु परिसर का शिलान्यास*• *संरक्षित पटवा उद्यान का प्रदेश के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री ने किया लोकार्पण*• *45 करोड़ से अधिक के अकादमिक ब्लॉक का निर्माण प्रारंभ*• *2 छात्रावास, 04 शोध केंद्र होने हैं स्थापित*नैनीताल 18 मई 2026 सूवि। भारत सरकार की पीएम ऊषा मेरू योजना के तहत प्राप्त अनुदान से राज्य सरकार से पटवाडागर में स्वीकृत भूमि में दो अकादमिक ब्लॉक के निर्माण के साथ ही नवीन परिसर का निर्माण किया जा रहा है। सोमवार को इसका शिलान्यास उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत द्वारा किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धनसिंह रावत ने कहा कि विश्वविद्यालय का मेरु परिसर शिक्षा प्रदान करने के साथ, उत्तराखण्ड को अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, आयुष, जैव प्रौद्योगिकी एवं आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि इस परिसर में प्रस्तावित हिमालयी औषधीय पौधों एवं वेलनेस लाइफस्टाइल पर होने वाला कार्य स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार एवं वैश्विक शोध के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालय डिग्री देने के साथ ही नवाचार, स्वरोजगार और बहुविषयी शिक्षण और शोध के उन्नत केद्र बने। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा परिसर में उद्यान का भी लोकार्पण किया।इस मौके पर अपने संबोधन में विधायक नैनीताल सरिता आर्या ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के परिसर के विकास हेतु जमीन उपलब्ध करने हेतु राज्य सरकार का आभार जताया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद महेंद्र पाल ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के गौरवपूर्ण इतिहास का उल्लेख करते हुए इसके विकास हेतु पटवाडनगर परिसर को बनाए जाने के निर्णय की सराहना की।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो दीवान सिंह रावत ने बताया कि प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम ऊषा) योजना के अंतर्गत मल्टी डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (मेरु) योजना के तहत देश भर में 26 विश्वविद्यालयों को 100 करोड़ प्रति विश्वविद्यालय अनुदान स्वीकृत किया गया है। इसी योजना में कुमाऊं विश्वविद्यालय को भी 100 करोड़ अनुदान स्वीकृत किया गया है। योजना के तहत 4568.46 लाख के सापेक्ष 2698.5 लाख की स्वीकृत धनराशि से विश्वविद्यालय के नैनीताल एवं भीमताल परिसर में लॉ कॉलेज, बी एड कॉलेज, फार्मेसी ब्लॉक, गणित विभाग, योग विभाग, फाइन आर्ट्स, वन विभाग, संगीत विभाग का निर्माण कार्य जारी है। योजना के तहत विश्वविद्यालय में जमीन की पर्याप्त अनुपलब्धता के चलते राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को पटवाडॉगर में मेरु परिसर बनाने हेतु 26.4 एकड़ जमीन स्वीकृत की गई। इसी क्रम में प्रथम चरण में पटवाडॉगर में दो अकादमिक ब्लॉक के निर्माण हेतु 2623.36 लाख की स्वीकृति के सापेक्ष 888.89 लाख धनराशि जारी किया गया। जिस हेतु छात्र-छात्राओं की आवासीय सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटवाडांगर में 40-40 क्षमता वाले बालक एवं बालिका छात्रावासों हेतु ₹2667.71 लाख की अनुमानित लागत से कार्य प्रस्तावित है। पटवाडांगर परिसर में ही चार नए उत्कृष्टता केन्द्र भी स्वीकृत किए गए हैं। जिनमें सेंटर फॉर एडवांस कम्प्यूटिंग, सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन हिमालयन मेडिसिनल प्लांट्स एंड वेलनेस लाइफस्टाइल, फैकल्टी ऑफ बायोमेडिकल साइंसेज एंड नैनोटेक्नोलॉजी तथा केंद्रीय उपकरण सुविधा केंद्र स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवकी बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पांडे, प्रधान बेलवखान बबीता मनराल, प्रधान बोहरगांव सुरेंद्र बिष्ट, प्रधान देवीधुरा प्रेमलता बरगली, प्रधान नइशीला कैप्टेन प्रताप सिंह, प्रधान बेल ललिता मलारा, प्रधान सरीयाताल हरगोविंद रावत, प्रधान ज्योली शेखर चंद भट्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज चनियाल, शांति पांडे, कमला जोशी, हरीश धामी, प्रधान चोपड़ा बीना जीना, प्रधान ज्योलिकोट नवल आर्या, सुरेश उप्रेती, धर्मेंद्र सिंह रावत को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार में डाईत्वधारी अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, शांति मेहरा, दिनेश आर्या, पूर्व सांसद महेंद्र पाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवकी बिष्ट, मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, द्वाराहाट विधान सभा के पूर्व विधायक महेश नेगी, हिमांशु पांडे, पूरन मेहरा, विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव राकेश विश्वकर्मा, वित्त नियंत्रक कमलेश भंडारी, विभिन्न संकायाध्यक्षसहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र सहित कार्यदाई संस्था के प्रतिनिधि एवं उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के सदस्य शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो दिव्या उपाध्याय ने किया।





