उत्तराखण्ड
रामनगर : पत्रकार राहुल दरम्वाल और उनकी टीम ने खराब सड़कों के सुधारीकरण और डामरीकरण को लेकर PWD अधिकारी को दिया ज्ञापन…
खराब सड़कों के सुधारीकरण और डामरीकरण को लेकर राहुल सिंह दरम्वाल और उनकी टीम के सदस्यों ने PWD दफ्तर पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है इस ज्ञापन के माध्यम से राहुल सिंह दरम्वाल का कहना है कि रामनगर क्षेत्र की अधिकतर ग्रामीण सड़कों के हालात हद से ज्यादा खराब है दरम्वाल ने बताया की छोई मार्ग की स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब है इसके साथ ही क्यारी गांव को जोड़ने वाली सड़क, पाटकोट मार्ग , तेलीपुरा और जस्सागांजा के साथ ही बहुत सी सड़कें खराब है जिन्हें जल्द ही ठीक किया जाना चाहिए । इन सड़कों में लगातार हादसे हो रहे हैं जिसमें स्थानीय ग्रामीण और राहगीर लगातार घायल हो रहे हैं विभाग सिर्फ खानापूर्ति करते हुए कागजों में काम कर रहा है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है हालांकि रामनगर से लेकर देहरादून तक फाइल पहुंचने के बीच में कई अधिकारियों की बड़ी जिम्मेदारी है इस जिम्मेदारी का कौन अधिकारी कितना पालन कर रहा है या फिर सिर्फ खानापूर्ति के लिए रामनगर से लेकर देहरादून तक सड़कों के निर्माण के लिए प्रपोजल तो पहुंच रहे हैं लेकिन किस अधिकारी के टेबल पर यह फाइलें दबी हुई है क्या इन अधिकारियों की जनता के प्रति कोई भी जवाबदेही तय नहीं है आखिरकार 6 महीने ,एक वर्ष और डेढ़ साल तक भी अगर किसी सड़क का प्रपोजल पास होकर सड़कें नहीं बन पा रही है तो इससे अधिकारियों की लापरवाही साफ तौर पर देखी जा सकती है ।हालांकि कौन अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को ठीक से निभा रहा है और किन किन अधिकारियों के दफ्तर में फाइले सिर्फ धूल फांक रही है ।या फिर पीडब्ल्यूडी विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है ।वहीं राहुल सिंह दरम्वाल ने कहा कि कई सड़कों के प्रपोजल PWD विभागों के द्वारा पिछले एक ,डेढ़ वर्ष या 6 महीने पहले से रामनगर से हल्द्वानी और देहरादून तक भेजें गये है मगर यह सब विभागों की फाइलों में सिमट कर रह गए हैं इन फाइलों को आगे बढ़ाने वाला ना तो कोई अधिकारी है और ना ही कोई क्षेत्र का जनप्रतिनिधि जिससे कि खराब सड़कों की मरम्मत और सड़कों का सुधारीकरण हो सके ।रामनगर के ग्रामीण क्षेत्र के हजारों की जनसंख्या में निवास करने वाले लोग गांव वालों के मन में आज भी यह सवाल है कि आखिरकार इतने लंबे समय तक इन मुख्य सड़कों के हालात कब सुधरेंगे या फिर यूं ही इन सड़कों पर हर रोज लोग चोटिल होते रहेंगे और इन्हीं खराब सड़कों से हर रोज स्कूल के बच्चे, स्थानीय और पर्यटकों के साथ ही आवा जाही करने वाले सभी राहगीर हर रोज परेशान होकर इन सड़कों से सफर करने को मजबूर होते रहेंगे ।इस दौरान जिम कॉर्बेट जीएम एसोसिएशन ने भी खराब सड़कों को लेकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया उनका कहना है कि पिछले लंबे समय से खराब सड़कें है जिस वजह से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क पहुंचने वाले पर्यटक काफी नाराज है और देश- विदेश से जो भी पर्यटक जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क पहुंच रहे हैं वह काफी निराश होकर लौट रहे हैं छोई और क्यारी गांव की सड़क बेहद खराब है जिस वजह से पर्यटक और स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।इस दौरान राहुल सिंह दरम्वाल करन बिष्ट , सौरभ छिमवाल , रवि तिवारी, अध्यक्ष राजीव शाह,उपाध्यक्ष सुन्दर सिंह बिष्ट,सचिव किरण सागर,राजेश पंत, प्रकाश पाठक, देवी सिंह, बबीता मेहरा , एन डी पालीवाल , लक्ष्मण रावत , दीप छाबड़ा, मनीष , पुष्पेंद्र , महिपाल , सुधीर और अन्य दर्जनों स्थानीय और होटल कारोबार से जुड़े हुए लोग मौजूद रहे ।





