उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: 17वें जोहार महोत्सव का भव्य आगाज, लोक संस्कृति और परंपराओं के रंग में रंगा एमबी इंटर कॉलेज
हल्द्वानी: हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज परिसर में 17वें तीन दिवसीय जोहार महोत्सव का रंगारंग आगाज हो गया है। चीन सीमा से सटी उत्तराखंड की जोहार घाटी की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और विरासत को सहेजने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव की शुरुआत भव्य सांस्कृतिक झांकी और रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने अपनी लोक कला और मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।
महोत्सव में कुमाऊं की सीमांत जोहार घाटी की सांस्कृतिक विरासत की अनूठी झलक देखने को मिल रही है। कलाकारों ने लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जोहार घाटी की समृद्ध संस्कृति को जीवंत कर दिया। देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे जोहार घाटी के लोग भी बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं।
दरअसल, जोहार घाटी अपनी विशिष्ट लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक विरासत के लिए जानी जाती है। यहां के लोग आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में रहकर सरकारी और गैर सरकारी सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन अपनी जन्मभूमि और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव उन्हें हर साल इस महोत्सव तक खींच लाता है।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पारंपरिक लोक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को भी विशेष स्थान दिया गया है। परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से जोहार घाटी के पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को प्रदर्शित किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि बदलते दौर में अपनी संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है।
तीन दिवसीय जोहार महोत्सव न केवल घाटी के लोगों को एक मंच पर ला रहा है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी माध्यम बन रहा है। लोक संस्कृति, आपसी मेल-मिलाप और अपनी पहचान को सहेजने का संदेश देता यह महोत्सव हल्द्वानी में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।



