उत्तराखण्ड
देहरादून: खनन निदेशक राजपाल लेघा के निर्देशन में रिमोट सेंसिंग आधारित खनन निगरानी प्रणाली को मिलेगी नई गति
देहरादून। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के निदेशक राजपाल लेघा की अध्यक्षता में आईटीआई लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ रिमोट सेंसिंग आधारित खनन निगरानी प्रणाली की प्रस्तावित योजना को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना के तहत किए जा रहे तकनीकी कार्यों और आगामी चरणों की प्रगति की समीक्षा की गई।
परियोजना के अंतर्गत राज्यभर में अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से खनन गतिविधियों की निगरानी को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर में कुल चार स्थानों पर ड्रोन (UAV) यूनिट तैनात की जाएंगी। ये यूनिट रिमोट सेंसिंग एवं थर्मल कैमरों के माध्यम से दिन-रात खनन क्षेत्रों की निगरानी करेंगी।
इसके साथ ही करीब 900 स्थानों पर DGPS सर्वे कर स्थायी CC पिलर्स स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे खनन पट्टा क्षेत्रों की सीमाओं का पूर्ण डिजिटलीकरण किया जा सके। बैठक में AI आधारित Web-GIS पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑटोमैटिक चेंज डिटेक्शन, निर्धारित सीमा से अधिक खनन (ओवर-माइनिंग) पर स्वतः अलर्ट तथा पारदर्शी रॉयल्टी संग्रह जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों के अनुसार, तकनीक आधारित यह साक्ष्य-आधारित निगरानी व्यवस्था अवैध एवं अनियमित खनन पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ खनन गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत खनन प्रबंधन की दिशा में उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में सहायक होगी।




