उत्तराखण्ड
देहरादून : धामी सरकार द्वारा बनाया गया यूसीसी कानून साबित हुआ मील का पत्थर, 2029 तक बीजेपी शासित राज्यों में लागू होगा यूसीसी…
देहरादून: देश में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी (Uniform Civil Code) को लेकर सियासत और चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि वर्ष 2029 तक भाजपा शासित सभी राज्यों में यूसीसी लागू किया जाएगा। इस बयान के बाद उत्तराखंड में लागू किए गए यूसीसी मॉडल की देशभर में चर्चा तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई। धामी सरकार ने 27 जनवरी 2025 से प्रदेश में यूसीसी को लागू किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने का संकल्प लिया था। सत्ता में आने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया गया और तमाम औपचारिकताओं एवं व्यापक जनमत प्रक्रिया के बाद इसे कानून का रूप दिया गया।
यूसीसी लागू होने के बाद प्रदेश में विवाह पंजीकरण को लेकर भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पुराने कानून की तुलना में विवाह पंजीकरण कराने वालों की प्रतिदिन की औसत संख्या में करीब 24 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसे यूसीसी के प्रभाव और लोगों में बढ़ती जागरूकता के तौर पर देखा जा रहा है।
उत्तराखंड के बाद अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी यूसीसी की दिशा में कदम आगे बढ़े हैं। गुजरात में मार्च 2026, असम में मई 2026 और मध्य प्रदेश में जुलाई 2026 में यूसीसी से जुड़ा कानून विधानसभा से पारित किया गया। वहीं महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ समेत कुछ अन्य राज्यों में यूसीसी को लेकर समितियों के गठन और अध्ययन की प्रक्रिया शुरू की गई है।
केंद्र सरकार और भाजपा के स्तर से वर्ष 2029 तक भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने की बात सामने आने के बाद उत्तराखंड मॉडल को इसकी शुरुआती प्रयोगशाला के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा इसे समान अधिकार और समान कानून की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इस कानून के विभिन्न पहलुओं को लेकर अपनी आपत्तियां जाहिर करता रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से भी उत्तराखंड में यूसीसी भाजपा सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूसीसी का मुद्दा राज्य की राजनीति में एक बार फिर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भाजपा इसे धामी सरकार के प्रमुख संकल्पों में से एक पूरा होने के तौर पर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।




