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केदारनाथ : श्रद्धालुओं को सरल सुगम दर्शन कराना प्राथमिकता: हेमंत द्विवेदी,असत्य एवं भ्रामक सूचना फैलाने पर दो पुलिस अधिकारियों को ड्यूटी से हटाया…

श्रद्धालुओं को सरल सुगम दर्शन कराना प्राथमिकता: हेमंत द्विवेदी

असत्य एवं भ्रामक सूचना फैलाने पर दो पुलिस अधिकारियों को ड्यूटी से हटाया

श्री केदारनाथ धाम/ देहरादून 1 मई।श्री केदार सभा ने कहा है कि दिनांक 01 मई, 2026 को श्री केदारनाथ धाम परिसर में वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर उत्पन्न स्थिति एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट की जाती है।इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा तीर्थपुरोहितों को बीकेटीसी अध्यक्ष के आदेश का हवाला देते हुए मंदिर में प्रवेश से रोके जाने की बात संज्ञान में आई है, जो कि तथ्यात्मक रूप से असत्य एवं भ्रामक है।

इस संदर्भ में स्पष्ट किया जाता है कि बीकेटीसी अध्यक्ष की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था।केदारनाथ धाम के तीर्थपुरोहित इस पवित्र धाम की परंपराओं,धार्मिक मर्यादाओं एवं व्यवस्थाओं के प्रमुख आधार हैं।उनके सम्मान एवं अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार की अवहेलना स्वीकार्य नहीं है।उक्त घटना के पश्चात तीर्थपुरोहितों की प्रतिक्रिया स्वाभाविक थी।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी द्वारा पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग से तत्काल समन्वय स्थापित किया गया,जिसके उपरांत संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी एवं उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से मंदिर ड्यूटी से हटा दिया गया है।

श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि मंदिर के आंतरिक प्रबंधन एवं दर्शन व्यवस्था का दायित्व श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कार्मिकों द्वारा संचालित किया जाएगा,जबकि उत्तराखंड पुलिस मंदिर के बाहर आस्था पथ एवं बाहरी सुरक्षा व्यवस्था का दायित्व संभालेगी।

इसी क्रम में तीर्थपुरोहितों की शीर्ष संस्था श्री केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने उक्त घटना को सुनियोजित षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व धाम की गरिमा एवं यात्रा व्यवस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं,जिन्हें किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी नेतृत्व में यात्रा प्रबंधन सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है तथा तीर्थपुरोहितों,मंदिर समिति एवं प्रशासन के मध्य पूर्ण समन्वय बना हुआ है।किसी प्रकार का मतभेद नहीं है।

तिवारी ने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट उद्घाटन के अवसर पर सामान्य श्रद्धालु की भांति दर्शन किए थे तथा प्रसिद्ध उद्योगपति श्री गौतम अडानी ने भी निर्धारित प्रोटोकॉल के अंतर्गत ही बाबा केदार के दर्शन किए।
वीआईपी जैसी कोई व्यवस्था नहीं है।

मंदिर के निकासी द्वार पर कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा भ्रामक सूचना प्रसारित किए जाने के कारण कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा नारेबाजी की गई। मामले की जानकारी प्राप्त होते ही प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लिया गया एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

प्रशासन द्वारा पूरे प्रकरण की समीक्षा की जा रही है तथा केदारनाथ धाम की छवि को क्षति पहुंचाने एवं यात्रा व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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