उत्तराखण्ड
हल्द्वानी : लिवर की बीमारी के सही कारणों की पहचान बेहद जरूरी : डॉ. के.आर. वासुदेवन
लिवर की बीमारी के कई कारण, सही समय पर पहचान जरूरी हल्द्वानी – लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने, पाचन में मदद करने और कई जरूरी कामों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। लिवर की बीमारी को लेकर आम धारणा है कि यह मुख्य रूप से शराब पीने से होती है, जबकि ऐसा नहीं है। लिवर की बीमारी के कई कारण हो सकते हैं और यह किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है।मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के लिवर ट्रांसप्लांट एवं सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के सीनियर डायरेक्टर डॉ. के. आर. वासुदेवन ने बताया, “शराब लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन यह लिवर की बीमारी का अकेला कारण नहीं है। आज फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। मोटापा, डायबिटीज, गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।”हेपेटाइटिस बी और सी जैसे वायरल संक्रमण भी लंबे समय तक लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कुछ लोगों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता लिवर पर हमला करने लगती है, जबकि कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। लिवर की बीमारी अक्सर धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते। लगातार थकान, कमजोरी और भूख कम लगना जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. के. आर. वासुदेवन ने आगे बताया “लिवर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ वजन बनाए रखना जरूरी है। ज्यादा तेल, मीठे और प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेने से भी बचना चाहिए।”गंभीर मामलों में लिवर फेलियर होने पर लिवर ट्रांसप्लांट जीवन बचाने वाला इलाज हो सकता है। अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, क्योंकि एक अंगदाता कई लोगों की जिंदगी बचाने में मदद कर सकता है। सही जानकारी, समय पर जांच और अंगदान के प्रति जागरूकता से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।




