उत्तराखण्ड
देहरादून: जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर, परिषद मुख्यालय पहुंचे डॉ. चन्द्र प्रकाश तिवारी
देहरादून: डॉ. चन्द्र प्रकाश तिवारी ने उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद के देहरादून मुख्यालय का भ्रमण कर प्रदेश में संचालित जैविक कृषि गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने किसानों के बीच जैविक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जैविक उत्पादों के विपणन तथा नई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में डॉ. तिवारी ने परिषद के अधिकारियों को वन उपज प्रमाणीकरण, शहद प्रमाणीकरण, क्रेता-विक्रेता बैठक के आयोजन तथा स्थानीय विशेष उत्पादों को अधिक प्रोत्साहन देने संबंधी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
डॉ. तिवारी ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित कर जैविक खेती के क्षेत्र में उद्यमिता (Entrepreneurship) कार्यक्रम शुरू करने का भी सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे युवा छात्र जैविक खेती से जुड़कर स्वरोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने जैविक कृषकों को कैनोपी वितरित कर स्थानीय स्तर पर विपणन को बढ़ावा देने की बात भी कही, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। साथ ही किसानों के प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों को लगातार संचालित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक संजीव श्रीवास्तव, तकनीकी प्रबंधक अमित श्रीवास्तव, विपणन प्रबंधक हिमांशु बिष्ट तथा प्रशिक्षण प्रबंधक डॉ. देवेन्द्र सिंह नेगी उपस्थित रहे।
डॉ. तिवारी ने कहा कि आगामी माह में पुनः बैठक आयोजित कर परिषद के विभिन्न बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि प्रदेश में जैविक खेती को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।





