Connect with us

उत्तराखण्ड

देहरादून : फर्जी राशन कार्ड्स से आधार,आयुष्मान की शिकायतें, सीएम धामी ने दिए जांच के निर्देश…

देहरादून
क्या उत्तराखंड में फर्जी राशन कार्ड्स बनाए जा रहे है ? क्या इन फर्जी राशन कार्ड्स,आधार कार्ड के जरिए आयुष्मान कार्ड्स बना कर बाहरी राज्यों से आए लोग स्वास्थ्य सुविधाएं लेकर उत्तराखंड सरकार के व्यय भार को बढ़ा रहे है?
क्या फर्जी राशन कार्ड्स,आधार कार्ड्स के जरिए रसोई गैस कनेक्शन लिए गए है और उनकी सब्सिडी का भार भी राज्य सरकार को उठाना पड़ रहा है ?
ऐसे कई मामले राज्य सरकार के संज्ञान में आने के बाद एक बार पुनः राशन कार्ड्स के सत्यापन और गहनता से जांच पड़ताल किए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए है।
उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले भी ऐसा ही एक अभियान करीब एक हफ्ते तक चलाया गया था जिसमें करीब 70 हजार यूनिट्स राशनकार्डस के फर्जी पाए गए थे।
खाद्य आपूर्ति विभाग की अपनी व्यस्तताओं के कारण उक्त अभियान ठंडे बस्ते में चला गया था।
अब पुनः इसको शुरू करने के निर्देश मुख्यमंत्री कार्यालय से दिए गए है।

उत्तराखंड में सरकारी सस्ते गल्ले की करीब 9050 दुकानें है जिनमें 2340864 राशन कार्ड्स के जरिए 9495469 लोगो को राशन दिए जाने का आंकड़ा सरकार के पास है।

कुछ माह पहले चलाए गए राशन कार्ड,आधार कार्ड लिंक सत्यापन अभियान में करीब 70 हजार यूनिट्स के फर्जीवाड़े का पता चला था और ये अभियान बीच में ही छोड़ दिया गया।

वन नेशन वन राशन योजना के जरिए उत्तराखंड में बाहरी राज्यों बिहार, उत्तर प्रदेश,असम आदि राज्यों के रहने वाले 20315 परिवार राशन ले रहे है। इनमें से 90 फीसदी राशन कार्ड यूपी से लगते उत्तराखंड के जिलों के है।

बताया जाता है कि उत्तराखंड में राशन मिलने के कुछ ऐसी लाभ योजनाएं है जोकि हिमालय राज्यों के लिए अलग से केंद्र द्वारा दिए गए है जिसकी वजह से यहां बाहरी लोगों ने राशन कार्ड,आधार कार्ड बनवाए हुए है।
इसी तरह आयुष्मान कार्ड की सुविधाओं के मामले में उत्तराखंड ने यूपी की तुलना में ज्यादा सुविधाएं दी हुई है,इस लिए यहां यूपी के लोगों की बड़ी संख्या में इलाज के लिए एम्स और सरकारी अस्पतालों में अपना पंजीकरण कराती है, यहां तक कि यूपी की महिलाओं को प्रसव और उस दौरान मिलने वाली सुविधाएं भी उत्तराखंड में ज्यादा मिलने से राशन कार्ड और उसके जरिए आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के फर्जीवाड़े भी पिछले कुछ माहों में पकड़ में आए।
जानकारी के मुताबिक इस फर्जीवाड़े से राज्य सरकार को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है।

ऐसी जानकारी भी मिली है कि गरीबी रेखा के नीचे वाले फर्जी राशन कार्ड्स के जरिए सरकार की गैस कनेक्शन योजना का भी जमकर दुरुपयोग बाहरी राज्यों के लोगों के द्वारा किया गया।
सरकार का मानना है कि एक बार पुनः गहनता से राशन कार्ड्स, आधार कार्ड
आयुष्मान कार्ड्स ,गैस कनेक्शन के आपसी लिंक की जांच पड़ताल की जाए ताकि सरकार को होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
इस बारे में मुख्य सचिव के दिशानिर्देश पर प्रमुख सचिव एल फैनई ने सभी जिला अधिकारियों को राशन कार्ड्स की गहनता से सत्यापन करने के आशय का पत्र जारी कर दिया।

क्या कहते है सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहते कि पूर्व में राशन कार्ड्स के सत्यापन का अभियान कुछ समय के लिए चलाया गया था, अभी कुछ और मामले संज्ञान में आए है,इस लिए एक बार फिर पूरे राज्य में एक स्क्वायड बना कर राशन कार्ड्स के दस्तावेज सत्यापन की जांच किए जाने के निर्देश जारी किए गए है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page

संपादक –

नाम: हर्षपाल सिंह
पता: छड़ायल नयाबाद, कुसुमखेड़ा, हल्द्वानी (नैनीताल)
दूरभाष: +91 96904 73030
ईमेल: [email protected]