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हल्द्वानी : SIR प्रक्रिया में संदिग्ध आपत्तियों पर कांग्रेस सख्त—एक शिकायतकर्ता, दर्जनों मतदाता; निष्पक्ष जांच की मांग, हर मतदाता का अधिकार सुरक्षित रखने की अपील…

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में सामने आ रही संदिग्ध एवं सामूहिक आपत्तियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट के नेतृत्व में ई.आर.ओ./सिटी मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी विधानसभा को ज्ञापन सौंपकर ऐसी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने तथा यह सुनिश्चित करने की मांग की कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलत अथवा संदिग्ध शिकायत के आधार पर मतदाता सूची से न हटाया जाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी SIR प्रक्रिया की शुरुआत से ही निर्वाचन आयोग को पूरा सहयोग प्रदान कर रही है। संगठन की ओर से हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक बूथ पर BLA-2 की नियुक्ति की गई है और BLA-2 लगातार मतदाताओं की समस्याओं के समाधान तथा आपत्तियों के निस्तारण में सहयोग कर रहे हैं।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचन आयोग की ओर से लगभग 43 हजार आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इन आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया में कांग्रेस के BLA-2 भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। लेकिन 10 अगस्त 2026 से कुछ ऐसे मामले संज्ञान में आए हैं, जिनमें लगभग 1,500 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज की गई हैं।

कांग्रेस ने कहा कि इन मामलों में सबसे महत्वपूर्ण और गंभीर बात यह सामने आई है कि कुछ शिकायतकर्ताओं द्वारा बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। कुछ मामलों में एक ही शिकायतकर्ता द्वारा लगभग 40-40 नामों पर आपत्ति लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। कांग्रेस ने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा इतनी बड़ी संख्या में अलग-अलग मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज कराया जाना प्रथम दृष्टया सामान्य प्रक्रिया नहीं लगता और ऐसे मामलों की गहन जांच आवश्यक है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सामान्य मतदाताओं को अपने नाम की मैपिंग देखने तथा उनके नाम पर लगाई गई विभागीय आपत्तियों के निस्तारण में पहले से ही कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति दूसरे मतदाताओं के नाम पर बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कर रहा है, तो यह पता लगाया जाना आवश्यक है कि शिकायतें वास्तव में संबंधित व्यक्ति द्वारा ही की गई हैं अथवा किसी अन्य माध्यम से।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि फॉर्म संख्या-10, जिसमें शिकायतों से संबंधित डाटा उपलब्ध है, उसमें शिकायतकर्ता की पहचान, भाग संख्या तथा मतदाता क्रमांक जैसी आवश्यक जानकारियां स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की कि ऐसी सभी आपत्तियों का सत्यापन कराया जाए और किसी भी मतदाता का नाम केवल ऑनलाइन शिकायत या आपत्ति के आधार पर हटाने की कार्रवाई न की जाए। संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाए।

कांग्रेस महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा- संदिग्ध शिकायतों के आधार पर नाम काटना लोकतांत्रिक अधिकारों से खिलवाड़ होगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं तो प्रशासन को यह सत्यापित करना चाहिए कि ये आपत्तियां वास्तविक तथ्यों पर आधारित हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि एक शिकायतकर्ता द्वारा दर्जनों मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज किए जाने वाले मामलों की विशेष जांच की जानी चाहिए।
कांग्रेस किसी भी वास्तविक एवं तथ्यात्मक आपत्ति को रोकने की मांग नहीं कर रही है। पार्टी की मांग केवल इतनी है कि फर्जी, गलत, सामूहिक अथवा संदिग्ध शिकायतों के आधार पर किसी वास्तविक मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटे।
एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देकर अथवा अनुचित तरीके से बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

हल्द्वानी विधानसभा के प्रभारी एवं BLA-1 डॉ. मयंक भट्ट ने कहा कि कांग्रेस SIR प्रक्रिया के विरोध में नहीं है, बल्कि इसे पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग को हर संभव सहयोग दे रही है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटना उसके सीधे मताधिकार को प्रभावित करता है। इसलिए प्रत्येक आपत्ति की वास्तविकता की जांच करना और संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने का अवसर देना बेहद जरूरी है।
डॉ. मयंक भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के BLA-2 बूथ स्तर पर लगातार काम कर रहे हैं और वास्तविक त्रुटियों के निस्तारण में सहयोग कर रहे हैं। लेकिन एक ही शिकायतकर्ता द्वारा बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज किए जाने वाले मामलों को सामान्य आपत्तियों की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। ऐसे मामलों की अलग से जांच होनी चाहिए, ताकि पूरी SIR प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि—

  • एक ही शिकायतकर्ता द्वारा बड़ी संख्या में दर्ज की गई आपत्तियों की अलग से जांच कराई जाए।
  • लगभग 1,500 मतदाताओं से संबंधित सामूहिक एवं संदिग्ध आपत्तियों का सत्यापन कराया जाए।
  • प्रत्येक शिकायतकर्ता की पहचान और आपत्ति के वास्तविक आधार का सत्यापन किया जाए।
  • किसी वास्तविक मतदाता का नाम केवल ऑनलाइन आपत्ति के आधार पर न हटाया जाए।
  • संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया जाए।
  • फॉर्म संख्या-10 में शिकायतकर्ता से संबंधित आवश्यक विवरण को पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  • जानबूझकर गलत अथवा फर्जी आपत्ति दर्ज कराने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
  • SIR प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों के BLA को आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है, लेकिन इस प्रक्रिया में एक भी पात्र मतदाता का मताधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अपात्र मतदाताओं को चिन्हित करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी पात्र मतदाताओं के नाम और उनके मताधिकार की सुरक्षा करना भी है। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्विवाद तरीके से पूरी होनी चाहिए, ताकि आम जनता के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों का निर्वाचन प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि संगठन SIR प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग एवं प्रशासन को अपना सहयोग जारी रखेगा, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के लिए आवाज उठाता रहेगा कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलत, फर्जी अथवा संदिग्ध आपत्ति के आधार पर मतदाता सूची से बाहर न हो।

ज्ञापन देने वालों में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, BLA-1 एवं प्रभारी हल्द्वानी विधानसभा डॉ. मयंक भट्ट, जिला महासचिव मलय बिष्ट, पूर्व मंत्री सुहैल सिद्दीकी, गोविन्द बगड़वाल, पार्षद एडवोकेट धर्मवीर, महानगर कोषाध्यक्ष कन्नू परगाई, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंजीनियर सुमित कुमार, एडवोकेट कोमल जायसवाल, योगेंद्र पाठक, अंकुर जोशी, मोहित दुर्गापाल एवं देवेंद्र नेगी आदि उपस्थित रहे।

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