उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: बिना पंजीकरण संचालित बाल संस्था पर बाल संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश रजवार का का छापा, दो दिन में रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई के निर्देश
हल्द्वानी: उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश रजवार के नेतृत्व में नैनीताल जिले में विभिन्न बाल संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के समीप गफूर बस्ती में संचालित एक गैर-पंजीकृत बाल संस्था में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।निरीक्षण दल में चाइल्ड हेल्पलाइन नैनीताल, बाल कल्याण समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल तथा बनभूलपुरा थाना पुलिस के अधिकारी शामिल रहे। जांच के दौरान संस्था में 5 बालिकाएं और 6 बालक मौजूद मिले। संस्था में मौजूद कर्मी मीना सिंह ने बताया कि संस्था का संचालन फादर पाईस द्वारा किया जाता है और इसके लिए मिशनरी से आर्थिक सहायता मिलती है।जांच में पाया गया कि संस्था किशोर न्याय (जुवेनाइल जस्टिस) अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं है। संस्था के संचालकों द्वारा कोई वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका। बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी असुरक्षित पाई गई। टीम को यह भी जानकारी मिली कि यहां आने वाले कई बच्चे पहले से विद्यालयों में पंजीकृत हैं।आयोग सदस्य योगेश रजवार ने बाल कल्याण समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन को दो दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल को संस्था और उसके संचालकों की जांच कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।योगेश रजवार ने कहा कि बिना पंजीकरण बच्चों से जुड़ी संस्थाओं का संचालन गंभीर मामला है और इससे बाल सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि संस्था को मिशनरी से मिलने वाली आर्थिक सहायता, बच्चों को दी जा रही शिक्षा और अन्य सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या कानून का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में भी जिले में बच्चों से संबंधित गैर-सरकारी संस्थाओं का औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेगा।




