उत्तराखण्ड
हल्द्वानी में गूंजा रॉकेट्री का रोमांच, आकाश्यन स्पर्धा 2026 में देशभर के युवा नवाचारियों ने दिखाया हुनर
हाइड्रो, एयर और पैराशूट रॉकेट्री से लेकर स्पेस आर्ट और एक्सटेम्पोर तक विद्यार्थियों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन
हल्द्वानी, 4 अक्टूबर 2026।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम, हल्द्वानी में रविवार को आकाश्यन स्पर्धा 2026 के पहले दिन विज्ञान, रॉकेट्री, अंतरिक्ष तकनीक और युवा नवाचार का भव्य संगम देखने को मिला। विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के अवसर पर आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए स्कूली विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी वैज्ञानिक सोच, इंजीनियरिंग कौशल, रचनात्मकता और टीमवर्क का प्रदर्शन किया।
Astroverse Experience Private Limited की शैक्षणिक पहल Astropathshala द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ शिक्षक, अभिभावक, वैज्ञानिक, शिक्षाविद् और विज्ञान प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम में विद्यार्थियों द्वारा किए गए रॉकेट लॉन्च और वैज्ञानिक गतिविधियों ने दर्शकों में विशेष उत्साह पैदा किया।
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माननीय विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण वर्चुअली हुईं शामिल
आकाश्यन स्पर्धा 2026 के उद्घाटन कार्यक्रम का विशेष आकर्षण माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूड़ी भूषण जी का वर्चुअल संबोधन रहा। वह Google Meet के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ीं और देशभर से आए युवा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, प्रयोगधर्मिता और नवाचार के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें प्रयोग और रचनात्मकता के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।
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ARIES निदेशक सहित वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ रहे मौजूद
कार्यक्रम में डॉ. मनीष कुमार नाज़ा, निदेशक, आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज (ARIES), नैनीताल तथा श्री मोहित कुमार जोशी, रजिस्ट्रार I/C, ARIES सहित संस्थान से जुड़े वैज्ञानिक एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा श्री गौरव कुमार, स्पेस आउटरीच विशेषज्ञ एवं वर्तमान में भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय से संबद्ध, विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े शिक्षाविदों, संस्थागत प्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन, विशेषज्ञों और अन्य विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
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रॉकेट लॉन्च से लेकर स्पेस आर्ट तक विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर
आकाश्यन स्पर्धा 2026 के पहले दिन स्कूल वर्ग में विद्यार्थियों ने छह प्रमुख प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया—
- Hydro Rocketry
- Air Rocketry
- Parachute Rocketry
- Extempore
- Junior Space Art
- Senior Space Art
हाइड्रो रॉकेट्री में विद्यार्थियों ने पानी के दबाव, प्रणोदन, वायुगतिकी और रॉकेट की स्थिरता जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों का प्रयोग किया। एयर रॉकेट्री में उड़ान और डिजाइन की बुनियादी अवधारणाओं को व्यवहार में उतारा गया।
पैराशूट रॉकेट्री में विद्यार्थियों को रॉकेट की उड़ान के साथ-साथ सुरक्षित रिकवरी सिस्टम तैयार करने की चुनौती दी गई।
वहीं, एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों के ज्ञान, आत्मविश्वास और संचार कौशल को परखा, जबकि स्पेस आर्ट प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष और भविष्य की अपनी कल्पनाओं को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया।
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🏆 आकाश्यन स्पर्धा 2026 — स्कूल वर्ग के विजेता
हाइड्रो रॉकेट्री
🥇 प्रथम: The Scindia School, Gwalior
🥈 द्वितीय: Dynasty Modern Gurukul Academy
🥉 तृतीय: Scholars Academy
एयर रॉकेट्री
🥇 प्रथम: Scholars Academy, Kotdwar
🥈 द्वितीय: DPS Rudrapur
🥉 तृतीय: Bright Start International Academy, Jaspur
पैराशूट रॉकेट्री
🥇 प्रथम: Summit Study Hall, Kashipur
🥈 द्वितीय: St. Mary’s College, Nainital
🥉 तृतीय: Whitehall, Haldwani
एक्सटेम्पोर
🥇 प्रथम: Inspiration Senior Secondary School
🥈 द्वितीय: Bright Start Academy
🥉 तृतीय: SKM Senior Secondary School
स्पेस आर्ट — जूनियर वर्ग
🥇 प्रथम: Scholars Academy
🥈 द्वितीय: Sai Public School, Kashipur
🥉 तृतीय: Golden Gate Global School
स्पेस आर्ट — सीनियर वर्ग
🥇 प्रथम: Ekamkar Global Academy
🥈 द्वितीय: St. Mary’s Government School College, Nainital
🥉 तृतीय: Sai Public School, Kashipur
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सरकारी और निजी विद्यालयों ने साझा किया एक मंच
आकाश्यन स्पर्धा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक रही इसकी विविध भागीदारी। सरकारी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने एक ही मंच पर प्रतिस्पर्धा की। विभिन्न शहरों और राज्यों से आए प्रतिभागियों ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और अभिभावकों ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। स्टेडियम का माहौल विज्ञान और तकनीक के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि का उदाहरण बना।
आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय डिजाइन, निर्माण, प्रयोग, परीक्षण और नवाचार के माध्यम से सीखने का अवसर देना है।
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Astroverse नेतृत्व ने संभाली आयोजन की कमान
आकाश्यन स्पर्धा 2026 के आयोजन में Astroverse Experience Private Limited की नेतृत्व टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में Astroverse Management की ओर से:
- अजय रावत — Co-Founder & CEO
- शुभम कुमार — Co-Founder & COO
- रूपिन थापा — CTO, Astroverse
ने आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं और तकनीकी एवं संचालन संबंधी गतिविधियों का नेतृत्व किया।
Astroverse की शैक्षणिक पहल Astropathshala के माध्यम से विद्यार्थियों को Astronomy, Space Technology, Aerospace, Robotics और Artificial Intelligence जैसे क्षेत्रों में अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान की जा रही है।
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उत्तराखंड से राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान और नवाचार का संदेश
विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के अवसर पर आयोजित आकाश्यन स्पर्धा 2026 का उद्देश्य विद्यार्थियों को जिज्ञासा से ज्ञान, ज्ञान से डिजाइन, डिजाइन से प्रयोग और प्रयोग से नवाचार की यात्रा पर आगे बढ़ाना है।
उत्तराखंड में इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के रॉकेट्री और एयरोस्पेस आयोजन से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, भौतिकी, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स और उभरती तकनीकों में करियर की संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं और किताबों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसे मैदान में उतारा जा सकता है, बनाया जा सकता है, परीक्षण किया जा सकता है और अंततः उड़ान दी जा सकती है।
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5 अक्टूबर को कॉलेज स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन
स्कूल वर्ग की प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के बाद आकाश्यन स्पर्धा 2026 का दूसरा दिन 5 अक्टूबर को कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया जाएगा।
दूसरे दिन प्रतियोगिता का स्तर और अधिक उन्नत होगा। इसमें:
- Solid-Fuel Rocketry
- Multi-Stage Rocketry
- Reusable Rocketry using TVC
- CAD & Rocket Simulation
सहित एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी चुनौतियां शामिल होंगी।
इस प्रकार आकाश्यन स्पर्धा 2026 का दूसरा दिन स्कूली विद्यार्थियों की वैज्ञानिक जिज्ञासा से आगे बढ़कर युवा इंजीनियरों और तकनीकी विद्यार्थियों के उन्नत प्रयोगों एवं नवाचारों पर केंद्रित होगा।
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आकाश्यन स्पर्धा 2026 — जहां विचार केवल कल्पना नहीं किए जाते, बल्कि डिजाइन किए जाते हैं, परीक्षण किए जाते हैं और उड़ान दी जाती है।
जारीकर्ता:
Astroverse Experience Private Limited
Astropathshala — Space, STEM & Innovation Education Initiative



