उत्तराखण्ड
नैनीताल: कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने पकड़ा कैंची धाम के पास जमीन का फर्जीवाड़ा, दिए जांच और FIR के निर्देश, लोगों से की यह अपील
नैनीताल: विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम और आसपास के इलाकों में जमीनों के बढ़ते दाम के बीच भूमि से जुड़ा कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। कैंची धाम के नजदीक तहसील श्री कैंचीधाम क्षेत्र के ग्राम सभा मल्ला निगलाट में फर्जी आधार कार्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर भूमि का विरासत नामांतरण कराए जाने की शिकायत सामने आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कुमाऊं मंडल आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जांच के निर्देश दिए हैं। ग्रामवासियों ने 29 सितंबर 2026 को आयुक्त कुमाऊं मंडल को शिकायत देकर आरोप लगाया कि ओम प्रकाश नामक व्यक्ति ने स्वयं को केशवदत्त पुत्र चंद्रमणी का वारिस बताते हुए खतौनी में अपना नाम दर्ज करा लिया। ग्रामीणों के अनुसार ओम प्रकाश नाम का कोई व्यक्ति मल्ला निगलाट में न तो रहता है और न ही गांव का निवासी है। ग्रामीणों ने खतौनी में दर्ज केशवदत्त पुत्र चंद्रमणी के नाम को लेकर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत के बाद 30 सितंबर को आयुक्त दीपक रावत ने शिकायतकर्ताओं, तहसीलदार श्री कैंचीधाम, राजस्व कर्मियों और अन्य पक्षकारों को नैनीताल कार्यालय बुलाकर मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सामने आया कि केशवदत्त की मृत्यु वर्ष 1983 में हो चुकी थी, जबकि वर्ष 2026 में कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर भूमि पर वारिसान दर्ज कराया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि प्रथम दृष्टया रजिस्ट्री में लगाया गया आधार कार्ड उत्तर प्रदेश के किसी व्यक्ति का बताया जा रहा है, जिसकी उम्र करीब 40 से 50 वर्ष के बीच है, जबकि रजिस्ट्री में उसकी उम्र 73 वर्ष दर्ज की गई है। मामले में कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। बताया गया कि तहसील श्री कैंचीधाम के कानूनगो द्वारा 21 अगस्त 2026 को विरासत नामांतरण पारित किया गया था और करीब एक महीने बाद संबंधित भूमि को बेच दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त दीपक रावत ने जिलाधिकारी नैनीताल को लैंड फ्रॉड की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आधार कार्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र के कूटरचित होने की जांच कराने तथा फर्जीवाड़ा पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मामले में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित राजस्व कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को भी कहा गया है। आयुक्त ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी भूमि से जुड़े अभिलेखों की नियमित जांच करें और किसी भी संदिग्ध प्रविष्टि या गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।




