उत्तराखण्ड
नैनीताल: कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में प्राधिकरण की बैठक में लिए गए अहम फैसले, सील भवनों में संचालन मिला तो होगी सख्त कार्रवाई, अवैध होमस्टे पर चलेगा शिकंजा
नैनीताल: कुमाऊं कमिश्नर एवं जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक रावत की अध्यक्षता में जिला विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में अवैध होमस्टे, भवन निर्माण, पार्किंग, सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
बैठक में आयुक्त दीपक रावत ने नैनीताल में अवैध रूप से संचालित हो रहे होमस्टे पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सील भवनों, चालानशुदा इमारतों या मानचित्र के विपरीत बने भवनों में संचालित होमस्टे का तत्काल निरीक्षण कर अवैध पाए जाने पर उन्हें सील किया जाए और संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिन होमस्टे संचालकों को नोटिस जारी होने के बाद भी नियमों का पालन नहीं किया गया है, उनका पंजीकरण निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में भीमताल क्षेत्र में स्थानीय जरूरत के तहत 60 वर्गमीटर तक के आवासीय नक्शों को मंजूरी देने की जानकारी दी गई, जबकि एक ही परिवार के कई सदस्यों द्वारा व्यावसायिक उद्देश्य से अलग-अलग नक्शे पास कराने के मामलों को बोर्ड ने खारिज कर दिया।
बोर्ड ने प्राधिकरण में आईटी एक्सपर्ट और हॉर्टिकल्चर एक्सपर्ट की नियुक्ति को भी मंजूरी दी। साथ ही हल्द्वानी के चौराहों का चरणबद्ध सौंदर्यीकरण करने का निर्णय लिया गया, जिसकी शुरुआत कुसुमखेड़ा चौराहे से होगी।
नैनीताल में बढ़ती पार्किंग समस्या को देखते हुए आयुक्त ने नजूल की छोटी-छोटी सरकारी भूमि चिन्हित कर वहां पॉकेट पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय निर्माण को भी बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में यह भी तय किया गया कि भवन निर्माण पूरा होने के बाद स्वीकृत मानचित्र से संबंधित शिलापट या बोर्ड भवन के बाहर लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर 5 हजार रुपये का चालान किया जाएगा। साथ ही भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों में निर्माण की अनुमति से पहले संयुक्त सर्वे और भू-वैज्ञानिक की रिपोर्ट अनिवार्य करने का निर्णय भी लिया गया।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत मानचित्रों के अनुरूप ही निर्माण कार्य हो, इसके लिए नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाए और अगली बोर्ड बैठक में निर्माण कार्यों की फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।




