उत्तराखण्ड
हल्द्वानी : बुजुर्ग महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, मिथकों को समझें और सही इलाज अपनाएं : डॉ. राजिंदर कौर सग्गू
हल्द्वानी – उम्र बढ़ने के साथ ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम नहीं होता, बल्कि बढ़ सकता है। इसके बावजूद कई बुजुर्ग महिलाएं जांच और इलाज को लेकर कई गलत धारणाओं के कारण समय पर डॉक्टर से संपर्क नहीं करतीं। सही समय पर जांच और आधुनिक इलाज से बुजुर्ग महिलाओं में भी ब्रेस्ट कैंसर का प्रभावी इलाज संभव है।
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (ब्रेस्ट) विभाग की सीनियर डायरेक्टर डॉ. राजिंदर कौर सग्गू ने बताया कि , “यह मानना गलत है कि ब्रेस्ट कैंसर केवल कम उम्र की महिलाओं को होता है। उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा बढ़ता है। स्वस्थ बुजुर्ग महिलाओं में डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित मैमोग्राफी और ब्रेस्ट में किसी भी बदलाव पर ध्यान देना जरूरी है।”
अक्सर यह भी माना जाता है कि बुजुर्ग महिलाओं को सर्जरी, रेडिएशन या कीमोथेरेपी जैसे इलाज नहीं दिए जा सकते। लेकिन इलाज का फैसला केवल उम्र देखकर नहीं किया जाता। महिला की सामान्य सेहत, दूसरी बीमारियों और कैंसर की स्थिति को देखकर इलाज तय किया जाता है।
डॉ. राजिंदर ने आगे बताया कि, “यह सोचना भी सही नहीं है कि बुजुर्ग महिलाओं में कैंसर धीरे बढ़ता है, इसलिए इलाज में देरी की जा सकती है। कुछ कैंसर धीमे होते हैं, लेकिन कुछ तेजी से फैल सकते हैं। इसलिए बीमारी की सही जांच के बाद समय पर इलाज शुरू करना जरूरी है।”
आधुनिक इलाज में कई ऐसी दवाएं उपलब्ध हैं, जो कैंसर को नियंत्रित करने के साथ साइड इफेक्ट को कम रखने में मदद करती हैं। साथ ही दर्द नियंत्रण, फिजियोथेरेपी और मानसिक सहयोग भी इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।




