उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने खोला मोर्चा, SDM कोर्ट में किया प्रदर्शन, CM को भेजा ज्ञापन
हल्द्वानी: अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन और दवाओं पर अत्यधिक छूट जैसी गतिविधियों के विरोध में बुधवार को कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन हल्द्वानी के आह्वान पर शहर की दवा दुकानें एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहीं। इस दौरान दवा व्यापारियों ने उत्तराखंड सरकार के नाम एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई।
ज्ञापन में कहा गया कि इंटरनेट के माध्यम से बिना स्पष्ट वैधानिक प्रावधानों के दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है, जिससे जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के दवा वितरण तथा भारी छूट (डीप डिस्काउंटिंग) जैसी गतिविधियों के जरिए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
दवा व्यापारियों ने बताया कि देशभर में व्याप्त असंतोष के चलते ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) तथा उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के आह्वान पर यह आंदोलन किया गया। उन्होंने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद विभिन्न कंपनियां वर्षों से ऑनलाइन दवाओं की बिक्री कर रही हैं।
ज्ञापन में वर्ष 2018 की अधिसूचना GSR 817(E) और कोविड काल में जारी GSR 220(E) का हवाला देते हुए कहा गया कि इनका दुरुपयोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और क्विक कॉमर्स कंपनियों द्वारा अनियंत्रित होम डिलीवरी के लिए किया जा रहा है।
व्यापारियों ने सरकार से मांग की कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए, बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवा बिक्री और होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, GSR 817(E) एवं GSR 220(E) को वापस लिया जाए तथा ऑनलाइन कंपनियों की डीप डिस्काउंटिंग और प्रीडेटरी प्राइसिंग नीति पर रोक लगाई जाए।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि देशभर के केमिस्ट और दवा विक्रेता स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और कोविड महामारी के दौरान भी उन्होंने निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने सरकार से जनहित और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की मांग की।





