उत्तराखण्ड
हल्द्वानी : दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल में डिसमन 6.0 का हुआ भव्य शुभारंभ, एडीएम विवेक राय ने छात्रों का बढ़ाया उत्साह…
हल्द्वानी :13 जुलाई।दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल में सोमवार को दो दिवसीय मॉडल यूनाइटेड नेशंस सम्मेलन (डिसमन 6.0) का भव्य शुभारंभ ए डी एम नैनीताल श्री विवेक राय ने दीप प्रज्ज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ किया। देश-विदेश के समसामयिक वैश्विक मुद्दों पर आधारित इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में विद्यार्थियों का उत्साह, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता देखते ही बन रही थी।विद्यालय के प्रबंधक श्री समित टिक्कू ने मुख्य अतिथि, अतिथियों एवं विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि डिसमन 6.0 केवल एक शैक्षणिक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व, संवाद कौशल, शोध क्षमता, तार्किक चिंतन, कूटनीतिक समझ और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने का सशक्त मंच है। अपने संबोधन में उन्होंने संस्कृत का प्रेरणादायी श्लोक *”विकारहेतौ सति विक्रियन्ते, येषां न चेतांसि त एव धीराः।* ” उद्धृत करते हुए कहा कि “घबराहट का अवसर होने पर भी जिनके मन विचलित नहीं होते, वही वास्तव में धैर्यवान और सच्चे नेता होते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों से हर चुनौती का सामना जोश, जुनून, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ करते हुए अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं का निरंतर संवर्धन करने का आह्वान किया।मुख्य अतिथि *श्री विवेक राय, ए डी एम नैनीताल* ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने छात्रों को बड़े सपने देखने, अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने का कौशल, टीम भावना और वैश्विक चुनौतियों को समझने की दृष्टि विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने भीतर के जोश और जुनून को समाज एवं राष्ट्रहित में सकारात्मक दिशा देने का आह्वान किया।सम्मेलन में कुमाऊँ मंडल के 12 से अधिक विद्यालयों के लगभग 300 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। प्रतिभागी संयुक्त राष्ट्र की 9 विभिन्न समितियों में अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर तर्कपूर्ण बहस, नीति-निर्माण और समाधान प्रस्तुत कर अपनी बौद्धिक क्षमता, कूटनीतिक सोच तथा नेतृत्व कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। *विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रूपक पांडे* ने सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिसमन 6.0 विद्यार्थियों को केवल एक मंच नहीं, बल्कि स्वयं को पहचानने, अपनी अभिव्यक्ति को सशक्त बनाने और वैश्विक नागरिक के रूप में विकसित होने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा।दो दिवसीय डिसमन 6.0 विद्यार्थियों में नेतृत्व, संवाद, सहयोग, शोध, कूटनीतिक सोच और वैश्विक दृष्टिकोण को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करते हुए उन्हें भविष्य के जिम्मेदार, संवेदनशील और प्रभावशाली वैश्विक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेगा।




