उत्तराखण्ड
नैनीताल: कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सीएम धामी को ज्ञापन, जल्द समाधान की उठाई मांग
नैनीताल: उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा है। जिलाधिकारी नैनीताल के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में कर्मचारियों ने शासन और राजस्व परिषद स्तर पर लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।संघ का कहना है कि लंबित मांगों के समाधान के लिए पूर्व में मुख्य सचिव, राजस्व परिषद के अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों को कई बार प्रत्यावेदन दिए गए। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने व्यक्तिगत रूप से भी संपर्क किया, लेकिन इसके बावजूद कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रदेशभर के कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारियों में निराशा और आक्रोश की स्थिति है।ज्ञापन में संघ ने वर्ष 2005 से लंबित कलेक्ट्रेट ढांचे के पुनर्गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और कलेक्ट्रेट को विशेष कार्यालय या विभाग का दर्जा देने की मांग की है। इसके अलावा कनिष्ठ सहायक पद के लिए शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक करने और उसी के अनुरूप विभिन्न पदों के ग्रेड पे में संशोधन करने की मांग उठाई गई है।कर्मचारी संघ ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करने, नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति के लिए कलेक्ट्रेट संवर्ग से 10 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रिक्त पदों पर नियमानुसार समय से पदोन्नति करने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही पारस्परिक और निजी अनुरोध के आधार पर लंबित स्थानांतरण प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करने की मांग की गई है।उच्च न्यायालय के आदेश का दिया हवालासंघ ने ज्ञापन में उच्च न्यायालय में रिट याचिका संख्या 115/2018 में 29 अगस्त 2018 को पारित आदेश का हवाला देते हुए कहा कि कर्मचारी संगठनों की मांगों के निस्तारण के लिए समिति गठित कर तीन माह के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। संघ का आरोप है कि इसके बावजूद उसकी मांगों पर शासन स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करते हुए शासन और राजस्व परिषद को आवश्यक निर्देश जारी करने तथा सभी लंबित मांगों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की अपील की है।



