उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: जमीन फर्जीवाड़े से परेशान किसान के आत्महत्या मामले में भूमाफियाओं और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
हल्द्वानी: काशीपुर के रहने वाले किसान सुखवंत सिंह ने कल देर रात गौलापार स्थित एक होटल के कमरे में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले सुखवंत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने अपने साथ हुए कथित बड़े जमीन फर्जीवाड़े और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में सुखवंत ने बताया कि काशीपुर में जमीन खरीद के नाम पर उससे धोखाधड़ी की गई। उसे जो जमीन दिखाई गई थी, उसके बजाय किसी दूसरी, गलत जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। सुखवंत का आरोप है कि इस पूरे मामले में कई भूमाफिया शामिल हैं, जिन्होंने उसे जानबूझकर ठगा।
मृतक किसान ने इस फर्जीवाड़े की शिकायत पहले एसएसपी उधम सिंह नगर से की थी। एसएसपी ने जांच अधीनस्थ अधिकारियों को सौंप दी, लेकिन सुखवंत का आरोप है कि मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित किसान ने बाद में एक बार फिर एसएसपी से मुलाकात की, जहां कथित तौर पर उसे फटकार लगाकर भगा दिया गया। इसके बाद वह गहरे मानसिक तनाव में चला गया।
आत्महत्या के बाद सामने आया सुखवंत का वीडियो अब उधम सिंह नगर पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। वीडियो में उसने भूमाफियाओं के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के पिता और परिजनों ने अमरजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, आशीष, जाहिर हुसैन सहित कई लोगों पर जमीन फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। साथ ही, पुलिस की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा किया है।
इस मामले में एसएसपी नैनीताल मंजुनाथ टीसी ने बताया कि होटल से गोली चलने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। कमरा अंदर से बंद था, जिसे बाद में खोला गया। सुखवंत खून से लथपथ हालत में मिला, जिसे तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एसएसपी ने बताया कि परिजनों की मेडिकल काउंसलिंग कराई गई है और उनसे बातचीत भी की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि आत्महत्या से पहले सुखवंत ने अपनी पत्नी को कुछ कागजात सौंपे थे, जिनमें जमीन फर्जीवाड़े और आरोपों का उल्लेख है। ये आरोप वही हैं, जो उसने अपने वीडियो में लगाए हैं।
मामले में एक्सपर्ट पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। फिलहाल पुलिस मृतक के परिजनों की तहरीर का इंतजार कर रही है।
एसएसपी ने कहा कि तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।





