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कोटद्वार: कांग्रेस ने बार-बार संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का किया अपमान: हेमंत द्विवेदी

कोटद्वार: उत्तराखंड भाजपा प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी ने प्रेस वार्ता करते हुए कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बार-बार संविधान, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संवैधानिक संस्थाओं का न केवल अपमान किया, बल्कि उन्हें कमजोर करने का भी प्रयास किया।

द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने नेहरू युग से ही संवैधानिक मूल्यों से खिलवाड़ शुरू कर दिया था। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया, “1949 में धारा 370 जोड़कर जम्मू-कश्मीर को अलग कर दिया गया, 1951 में अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया और 1954 में वक्फ अधिनियम लाकर तुष्टिकरण की राजनीति की गई।”

इंदिरा गांधी के कार्यकाल को लोकतंत्र के लिए सबसे काला अध्याय बताते हुए द्विवेदी ने कहा, “1975 में आपातकाल लगाकर नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए, प्रेस पर पाबंदी लगाई गई और विपक्षी नेताओं को जेलों में डाला गया। 42वें संशोधन के जरिए संविधान की मूल संरचना को ही बदलने की कोशिश की गई।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भी हमला किया। “1973 में वरिष्ठता को दरकिनार कर ए.एन. रे को मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। रंगनाथ मिश्रा को कांग्रेस का सांसद बनाकर न्यायिक निष्पक्षता पर सवाल उठाया गया,” द्विवेदी ने आरोप लगाया।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राजीव गांधी ने भी न्यायपालिका के फैसलों को पलटकर उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई।
“शाह बानो केस में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को संविधान संशोधन द्वारा पलटा गया,” उन्होंने कहा।

मनमोहन सिंह सरकार पर निशाना साधते हुए द्विवेदी ने कहा, “2004 से 2014 तक, वास्तविक सत्ता सोनिया गांधी के हाथ में रही। राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) बनाकर उन्होंने समानांतर सरकार चलाई और संवैधानिक प्रक्रिया का मखौल उड़ाया।”

द्विवेदी ने कांग्रेस पर संवैधानिक पदों का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सोमनाथ मंदिर उद्घाटन से रोकने का प्रयास किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का कांग्रेस नेताओं ने खुलेआम अपमान किया।”

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा,
“राहुल गांधी ने 2013 में कैबिनेट द्वारा पारित अध्यादेश को प्रेस कॉन्फ्रेंस में फाड़ कर सरकार और संविधान दोनों का अपमान किया था।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बार-बार राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) का दुरुपयोग कर चुनी हुई सरकारों को गिराया।
“नेहरू और इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लगभग 90 बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया,” द्विवेदी ने कहा।

प्रेस वार्ता के अंत में द्विवेदी ने कहा कि
“कांग्रेस का इतिहास संविधान को कमजोर करने, लोकतंत्र का गला घोंटने और संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा करने का रहा है। आज जो कांग्रेस लोकतंत्र की दुहाई देती है, वही उसकी सबसे बड़ी दोषी रही है।इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष। राज गौरव नौटियाल,भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र अंथवाल,मेयर शैलेन्द्र सिंह रावत,लैंसडाउन से भाजपा विधायक मंहत दिलीप रावत,उमेश त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्त्ता मौजूद थे।

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