उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: जनसुनवाई में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत सख्त, मुक्तेश्वर में 6 करोड़ की प्रॉपर्टी धोखाधड़ी में मुकदमे के निर्देश, अवैध निर्माण व गैस कालाबाजारी पर भी कार्रवाई
हल्द्वानी। हल्द्वानी कैम्प कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही समाधान कराया। जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, धोखाधड़ी, अवैध निर्माण, पारिवारिक विवाद, पेयजल और गैस वितरण प्रणाली में कालाबाजारी जैसी शिकायतें सामने आईं, जिन पर आयुक्त ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में मुक्तेश्वर क्षेत्र की हिलक्रस्ट एवं शिखर प्रॉपर्टीज के बिल्डर मनोज जोशी द्वारा छह लोगों से प्लॉट और विला के नाम पर करीब छह करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि स्टांप पेपर पर 31 मार्च 2025 तक नक्शा पास कर भवन तैयार करने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक न तो प्राधिकरण से नक्शा पास कराया गया और न ही कोई औपचारिकता पूरी की गई। इस पर आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मनोज जोशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और विकास प्राधिकरण के जेई को मौके का निरीक्षण कर यह जांच करने के निर्देश दिए कि जिस भूमि पर प्लॉटिंग और विला बनाए जा रहे हैं, वह कंपनी के नाम दर्ज है या नहीं।
आयुक्त ने मुक्तेश्वर क्षेत्र में होम-स्टे के नाम पर बहुमंजिला इमारतें बनाकर होटल और रिसॉर्ट संचालित किए जाने को भू-कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि जिन भवनों को सील किए जाने के बाद भी दोबारा निर्माण किया गया है, उसकी जिम्मेदारी संबंधित जेई की तय की जाएगी। साथ ही सीलिंग कार्रवाई के दौरान अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी कराने और नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में पारिवारिक विवाद का एक मामला भी सामने आया, जिसमें पति के कई दिनों से लापता होने की शिकायत पर आयुक्त ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए थे। पुलिस द्वारा पति को खोजकर महिला के सुपुर्द किया गया, जिस पर महिला ने आयुक्त का आभार व्यक्त किया।
भूमि विवादों की अधिक संख्या सामने आने पर आयुक्त ने लोगों से अपील की कि जमीन खरीदने के बाद उसकी तुरंत चाहरदीवारी कराएं, ताकि भविष्य में विवाद और धोखाधड़ी से बचा जा सके।
जनसुनवाई में राजकीय शिक्षक संघ ने महिला शिक्षकों को चाइल्ड केयर लीव देने का अनुरोध किया। वहीं अन्य शिकायतों में पैतृक संपत्ति की पैमाइश, भूमि से कब्जा हटाने और गूल पर अवैध अतिक्रमण हटाने से जुड़े प्रकरण भी आए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया।
आयुक्त ने कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही अवैध और बेतरतीब प्लॉटिंग को पर्यावरण, भूजल और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनियोजित निर्माण के कारण भूस्खलन और वनों के विनाश जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, इसलिए भू-उपयोग नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
इंडेन गैस सेवा द्वारा गैस वितरण में कम तौल के सिलेंडर देने और कालाबाजारी की शिकायत पर आयुक्त ने कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सप्ताह में दो बार औचक निरीक्षण और छापेमारी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
इसके अलावा भवाली क्षेत्र के नागरी गांव में फॉरेस्ट लैंड पर अवैध कब्जा कर मकान बनाने की शिकायत पर आयुक्त ने राजस्व विभाग को प्राधिकरण और वन विभाग के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने तथा अवैध निर्माण ध्वस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी भूमि की खरीद-फरोख्त और अवैध कब्जे के मामलों में लैंड ग्रैबिंग के तहत मुकदमा दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए।





