उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: जनसुनवाई में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने मौके पर सुलझाए गंभीर मामले, भूमि घोटाले से लेकर जाम तक पर सख्त रुख
हल्द्वानी: जनता की समस्याओं को लेकर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने कई गंभीर मामलों पर त्वरित कार्रवाई की। भूमि विवाद, धोखाधड़ी, अवैध निर्माण, पारिवारिक विवाद, पेयजल संकट और यातायात अव्यवस्था जैसे मुद्दों पर उन्होंने संबंधित विभागों को मौके पर ही निर्देश जारी किए।
हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान कुमाऊं आयुक्त ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों में तत्काल समाधान सुनिश्चित कराया।
काशीपुर से प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने भू-कानून उल्लंघन के मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। शिकायत में आरोप था कि पुरानी फर्म के नाम पर नई कंपनियां बनाकर फर्जी तरीके से भूमि क्रय की जा रही है और भूमि दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाए जा रहे हैं।
आयुक्त ने उपजिलाधिकारी को शीघ्र जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हल्द्वानी रोडवेज बस अड्डा और कालूसिद्ध मंदिर क्षेत्र में बसों और ठेला-रेहड़ी के कारण लगने वाले जाम पर आयुक्त ने पुलिस को नियमित चेकिंग और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग पर यात्रियों को बैठाने वाली निजी और रोडवेज बसों पर कार्रवाई की जाएगी।
रामनगर के मालधचौड़ क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) द्वारा किए जा रहे इंटरलॉकिंग टाइल्स कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायत पर आयुक्त ने अधिशासी अभियंता को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान भूमि क्रय और लेन-देन से जुड़े कई मामलों में शिकायतकर्ताओं को उनकी धनराशि वापस दिलाई गई। संबंधित पक्षों ने मौके पर चेक उपलब्ध कराए, जिस पर लोगों ने आयुक्त का आभार जताया।
बनभूलपुरा क्षेत्र के निवासियों ने नालियों में जाली, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और विद्युत जैसी समस्याओं को उठाया। गांधीनगर क्षेत्र में पैदल मार्ग और ड्रेनेज सिस्टम, तथा काठगोदाम क्षेत्र में भूमि विवाद और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों पर आयुक्त ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
आयुक्त दीपक रावत ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





