उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: प्रो. डॉ. राकेश चन्द्र रयाल को “Best Media Educator of Digital Journalism” सम्मान
नई दिल्ली/हल्द्वानी: राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था Media Federation of India द्वारा आयोजित 20th Media Excellence Awards 2026 समारोह में प्रो. डॉ. राकेश चन्द्र रयाल को “Best Media Educator of Digital Journalism” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें डिजिटल पत्रकारिता, सांस्कृतिक संचार (Cultural Communication) एवं डिजिटल संचार (Digital Communication) के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।
यह गरिमामय समारोह नई दिल्ली स्थित पी.एल.बी. ऑडिटोरियम, बीएसजेड मार्ग, आईटीओ में आयोजित हुआ, जिसमें देशभर के मीडिया शिक्षाविद, पत्रकार, जनसंपर्क विशेषज्ञ एवं संचार क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की। संस्था द्वारा जारी आधिकारिक आमंत्रण पत्र में प्रो. रयाल के मीडिया शिक्षा और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की गई।
प्रो. डॉ. राकेश चन्द्र रयाल वर्तमान में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में निदेशक, पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन के पद पर कार्यरत हैं। अपने शिक्षण एवं शोध कार्यों में उन्होंने सांस्कृतिक मूल्यों और डिजिटल तकनीक के समन्वय को विशेष महत्व दिया है। उन्होंने भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को डिजिटल माध्यमों के जरिए नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने डिजिटल पत्रकारिता, न्यू मीडिया और सांस्कृतिक अध्ययन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध एवं सृजनात्मक कार्य किए हैं।
सम्मान प्राप्ति के उपरांत प्रो. रयाल ने कहा कि यह पुरस्कार केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने वर्तमान डिजिटल युग में सांस्कृतिक संचार को तकनीकी नवाचार से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि समाज में सकारात्मक और सार्थक संवाद स्थापित हो सके।
उन्होंने इस सम्मान के लिए Media Federation of India (एमएफआई) का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रेरणा उन्हें मीडिया शिक्षा और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।
इस उपलब्धि पर शैक्षणिक एवं मीडिया जगत ने हर्ष व्यक्त करते हुए प्रो. रयाल को शुभकामनाएँ दी हैं। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की स्वीकृति है, बल्कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय और पत्रकारिता एवं जनसंचार की संपूर्ण अकादमिक समुदाय के लिए भी गौरव का विषय है।





