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उत्तराखण्ड

हल्द्वानी: बिल्डर धनंजय गिरी पर फिर धोखाधड़ी मामले में मुकदमा

हल्द्वानी: प्र0 फौ0 वाद सं0 सन् 2025 प्रार्थी :- लखवीर सिंह चण्डोक पुत्र हरवंश सिंह चण्डोक निवासी गुरूनानकपुरा, हल्द्वानी, जिला नैनीताल बनाम मुल्जिमान :-1. धनन्जय गिरी पुत्र जटाशंकर गिरी निवासीगण सुभाष नगर, हल्द्वानी, जिला नैनीताल । 2. प्रबन्धक उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक लि0 शाखा मुखानी हल्द्वानी जिला नैनीताल । 3. तत्कालीन बैंक मैनेजर उत्तराखण्ड ग्रामीण बैक लि0 शाखा मुखानी हल्द्वानी जिला नैनीताल । प्रार्थना पत्र अन्तर्गत धारा 175 (3) बी एन एस एस 1. यह कि प्रार्थी द्वारा हल्द्वानी खास, तहसील हल्द्वानी, जिला नैनीताल के खसरा नं0-403 मध्ये निर्मित एक निर्माणाधीन बहुमंजलीय व्यवसायिक कॉम्पलैक्स के भूतल व प्रथम तल पर निर्मित एक व्यवसायिक प्रयोजन की दो दुकानें क्रय की गयी थी, जिन दोनों दुकानों का क्षेत्रफल 40.33 वर्गमी0, 40.33 वर्गमी0 है, जो कि प्रार्थी द्वारा धनन्जय गिरी पुत्र जटाशंकर गिरी निवासी सुभाष नगर, हल्द्वानी, जिला नैनीताल से पंजीकृत बैनामा से खरीदा था, जिनका विवरण निम्नलिखित है – बही नं0-1, जिल्द 3,159 के पृष्ठ 147 से 162 पर क्रमांक 6809 पर दिनांक-15/11/2019 को रजिस्ट्रीकर्ता अधिकारी उप निबन्धक हल्द्वानी प्रथम एवं बही संख्या-1 जिल्द 3,159 के पृष्ठ 131 से 146 पर क्रमांक 6808 पर दिनांक-15/11/2019 को रजिस्ट्रीकर्ता अधिकारी उपनिबन्धक हल्द्वानी प्रथम के यहाँ पंजीकृत है, जिनके एवज में प्रार्थी द्वारा 23,75,000/- की दर से दोनों दुकानों का कुल भुगतान रू0 47,50,000/- किया गया था । 2. यह कि वर्ष 2023 में बैंक द्वारा कार्यवाही कर उक्त बहुमंजलीय व्यवसायिक कॉम्पलैक्स को सील कर दिया गया था, परन्तु उक्त बन्धक सम्पत्ति का विवरण न तो खतौनी में इन्द्राज था और न ही रजिस्ट्रार ऑफिस में इसकी सूचना बैंक द्वारा नहीं दी गयी तथा विक्रय पपंजीकृत करते समय धनन्जय गिरी ने यह आश्वस्त किया गया कि उक्त भूमि/सम्पत्ति पाकसाफ है तथा जिसका जिक्रय विक्रय पत्र में भी लिखित है, जबकि कुछ समय बाद उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक द्वारा उक्त सम्पत्ति में बंधक होने की जानकारी प्राप्त हुई । जबकि प्रार्थी द्वारा उक्त सम्पत्ति को क्रय करने से पूर्व अपने स्तर से सभी बैंक में यह जानकारी प्राप्त की, कि क्रयशुदा सम्पत्ति में कोई बन्धक / लोन तो नहीं है, इस बारे में प्रार्थी को किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त नहीं हुई तथा धनन्जय गिरी ने यह आश्वस्त किया गया कि उक्त भूमि/सम्पत्ति बंधक नहीं है । धनन्जय गिरी द्वारा उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की मिलीभगत एवं साजिश के तहत उक्त बंधक / लोन को छिपाया गया, जिससे कि प्रार्थी को धनन्जय गिरी एवं उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के कारण रू0 1,65,00,000/- (एक करोड़ पैसठ लाख रूपये) का आर्थिक नुकसान हुआ तथा धनन्जय गिरी एवं उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक ने प्रार्थी के साथ धोखाधड़ी की गई । 3. यह कि उक्त कार्यवाही के बाद प्रार्थी धनन्जय गिरी से कई बार मिला तो उसके द्वारा आश्वासन दिया गया कि बैंक के साथ बातचीत चल रही है तथा ओ0टी0एस0 के माध्यम से एक बार में मध्यस्थता होकर सबकुछ ठीक हो जायेगा, लेकिन आज दिनांक तक बैंक की सील नहीं खुली है । 4. यह कि जनवरी माह में जब प्रार्थी धनन्जय गिरी से मिला तो उसके द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि उक्त मामला 31 जनवरी 2025 तक बैंक से साथ निपट जायेगा । 5. यह कि माह मार्च, 2025 में प्रार्थी को एक नोटिस सिविल जज (प्रवर खण्ड) महोदय हल्द्वानी, जिला नैनीताल से मिला है, जिसमें कि बैंक द्वारा मेरी उक्त दोनों रजिस्ट्रीयों को खारिज करने के लिए मुकदमा दायर किया गया है, जिसके बाद से मुझे ये पूर्ण विश्वास हो गया है कि बैंक कर्मियों व धनन्जय गिरी की सांठ-गाठ से मेरे साथ धोखाधड़ी की गयी है, क्योंकि बैंक द्वारा सम्पत्ति बन्धक होने के बाद भी खतौनी व रजिस्ट्रार ऑफिस में इन्द्राज न करना मिलीभगत दिखाता है तथा अब वैध रजिस्ट्रियों को मिलीजुली साजिश के तहत खारिज कराना चाहते हैं तथा मेरी गाडी कमाई को हड़पना चाहते हैं । 6. यह कि उक्त दोनों पंजीकृज बैनामों की प्रति प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न कर रहा हूँ, जिसमें कि धनन्जय गिरी द्वारा उक्त सम्पत्ति पाक-साफ व बिना किसी भार के अंकित है, जो कि यह दर्शाता है कि बैंक कर्मियों के साथ मिलकर भारयुक्त सम्पत्ति मुझे विक्रय की गयी है तथा मेरे साथ धोखाधड़ी की गयी है । इस चीज का इल्म मुझे मुकदमा दायर होने के बाद हुआ है, इसलिए अब इन लोगों के खिलाफ यह प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ । 7. यह कि प्रार्थी द्वारा दिनांक 06.05.2025 को उक्त घटना की रिर्पोट थाना हल्द्वानी में डाक के माध्यम से तथा उसी दिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय को दी थी परन्तु आज दिन तक प्रार्थी की रिर्पोट पर कोई कार्यवाही नही हुयी । अतः महोदय से निवेदन है कि थाना हल्द्वानी के रिर्पोट तलब कर मुल्मिाने के विरूध एफ.आई.आर दर्ज करने के आदेश पारित करने की कृपा की जाय । दिनांक 04.08.25 प्रार्थी लखवीर सिंह चण्डोक SD अंग्रेजी अपठित द्वारा अधिवक्ता सुनील कुमार (एड.) UK5221/04 नोट – मै कानि0 599 ना0पु0 ललित रिखाड़ी कोतवाली हल्द्वानी जिला नैनीताल करता हूँ कि तहरीर की नकल सीसीटीएनएस साफ्टवेयर पर मेरे द्वारा शब्द व शब्द टाईप की गयी है।

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