उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: नगर निगम में गणतंत्र दिवस तैयारी बैठक में डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम न लिए जाने का आरोप, राज्यपाल से की गई शिकायत
हल्द्वानी: नगर निगम हल्द्वानी के सभागार में 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम न लिए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में वार्ड संख्या 14 (एससी सीट) से पार्षद एवं अधिवक्ता धरमवीर शासक ने महामहिम राज्यपाल को पत्र भेजकर कड़ी आपत्ति जताई है और जांच व कार्रवाई की मांग की है।
पार्षद धरमवीर का आरोप है कि दिनांक 21 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे नगर निगम हल्द्वानी में 26 जनवरी के आयोजन को लेकर एक सभा आयोजित की गई थी, जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ महापौर, पार्षदगण और अधिकारी मौजूद थे। सभा का संचालन ईश्वरी प्रसाद पंत द्वारा किया गया, जिसमें स्कूलों, झंडारोहण, सफाई व्यवस्था और रैलियों से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा की गई।
आरोप है कि जब पार्षद धरमवीर ने 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के ऐतिहासिक महत्व और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान पर प्रकाश डालने की बात रखी, तो संचालनकर्ता ने यह कहते हुए इसे अस्वीकार कर दिया कि यह सभा केवल 26 जनवरी के आयोजन से संबंधित है और इसमें किसी व्यक्ति के बारे में नहीं बताया जाता। इसके बाद सभा को समाप्त कर दिया गया।
पार्षद धरमवीर ने अपने पत्र में कहा है कि जब देश संविधान के तहत संचालित हो रहा है और डॉ. अंबेडकर शोषित-वंचित, दलित और बहुजन समाज के मसीहा रहे हैं, ऐसे में गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों में उनका नाम न लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे दलित समाज और महान पुरुषों का अपमान बताते हुए कहा कि इससे बहुजन समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। पार्षद ने महामहिम राज्यपाल से इस पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने, संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करने तथा भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।





