उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: तहसील में बड़ा खुलासा, न्यायालयीन अभिलेखों पर प्राइवेट लोगों की पब्लिक डीलिंग, DM ने दिए जांच के आदेश
हल्द्वानी। तहसीलदार/नायब तहसीलदार न्यायालय, हल्द्वानी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। दिनांक 29 दिसंबर 2025 को पूर्वाह्न के समय तहसील परिसर स्थित भू-राजस्व अभिलेखों से संबंधित न्यायालयीन कक्ष में दो प्राइवेट व्यक्ति पाए गए, जो आम नागरिकों से पब्लिक डीलिंग करते हुए न्यायालयीन फाइलों पर काम कर रहे थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि उस समय संबंधित कक्ष में कोई भी अधिकृत सरकारी कर्मचारी मौजूद नहीं था और महत्वपूर्ण न्यायालयीन अभिलेख अनधिकृत व्यक्तियों की पहुंच में थे। प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद इस पूरे मामले को न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर अनियमितता, सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा में बड़ी चूक तथा न्यायालयीन प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप माना गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), नैनीताल को प्रकरण की विस्तृत, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि दोनों प्राइवेट व्यक्ति कौन थे, किस आधार पर वे न्यायालयीन कक्ष में मौजूद थे, किन भू-राजस्व मामलों की फाइलों पर उन्होंने पब्लिक डीलिंग की, और उन्हें अभिलेखों तक पहुंच कैसे मिली।
इसके साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि उस समय संबंधित अधिकारी या कर्मचारी अनुपस्थित क्यों थे, क्या किसी ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन लोगों को कार्य करने की अनुमति दी, और क्या इस अनधिकृत डीलिंग से किसी पक्ष को अनुचित लाभ या किसी को नुकसान पहुंचा।
जांच के दौरान सभी आवश्यक अभिलेख सुरक्षित रखने, संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में प्रथम दृष्टया कोई आपराधिक कृत्य सामने आता है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख जांच रिपोर्ट में किया जाएगा और दंडात्मक, विभागीय या आपराधिक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। प्रशासन ने जांच रिपोर्ट तीन सप्ताह के भीतर सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।





