Connect with us

उत्तराखण्ड

हल्द्वानी : सुप्रीम कोर्ट में बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में अगली सुनवाई में आ सकता है बड़ा फैसला…


सुप्रीम कोर्ट में आज बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले की सुनवाई हुई, कब्जेदारों और सरकार पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई अगली तिथि तक स्थगित कर की गई।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस जयमाला बागची के बेंच में उक्त केस की सुनवाई हुई।
जानकारी के अनुसार माननीय उच्चतम न्यायालय में बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले की सुनवाई के दौरान माननीय उच्चतम न्यायालय में पक्षकारों द्वारा अपना पक्ष रखा गया तथा रेलवे द्वारा अपनी योजना के अनुरूप निर्माण हेतु 30 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता बताई गई तथा इस पर हुए अतिक्रमण को शीघ्र खाली कराते हुए इस भूमि को यथाशीघ्र खाली करने हेतु न्यायालय से अनुरोध किया गया।
आज की सुनवाई में रेलवे की तरफ़ से वरिष्ठ अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी तथा उत्तराखंड सरकार की ओर से अभिषेक अत्रे उपस्थित रहे, इस मामले में आज सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता उपस्थित नहीं हो सके ।
कब्जेदारों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान ख़ुर्शीद प्रशांत भूषण सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे

विपक्षी उत्तर दाताओं के अधिवक्ताओं द्वारा दो प्रमुख बिंदु उठाया गया है कि रेलवे द्वारा जो ज़मीन की माँग की गई है वह माँग पूर्व में नहीं थी और रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को अब नुक़सान नहीं होगा क्यों की रिटेलिंग वाल का निर्माण कर दिया गया है तथा दूसरा बिंदु यह उठाया गया है कि लंबे समय से रहने वाले लोगों को अब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने की बात कही जा रही है जो की अनुचित है। इसका विरोध रेलवे की अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी द्वारा किया गया।
अंत में माननीय न्यायालय द्वारा दूसरी तिथि दिए जाने की बात कही गई और वह तिथि ऑर्डर में लिखी जाएगी।
इस मामले में धामी सरकार का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रख रही है। गृह सचिव शैलेश बगौली के निर्देश पर इस मामले को देख रहे आईएस नोडल अधिकारी विशाल मिश्रा और हल्द्वानी नगर निगम के आयुक्त परितोष वर्मा भी कोर्ट में मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page

संपादक –

नाम: हर्षपाल सिंह
पता: छड़ायल नयाबाद, कुसुमखेड़ा, हल्द्वानी (नैनीताल)
दूरभाष: +91 96904 73030
ईमेल: [email protected]