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उत्तराखण्ड

नैनीताल की शान नैनीझील का जलस्तर गिरा, पानी संकट की आहट

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नैनीताल की पहचान और जीवनरेखा मानी जाने वाली नैनीझील का जलस्तर लगातार गिर रहा है, जिससे शहर में पानी संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। जनवरी से अब तक बारिश न होने और पर्यटकों की भारी भीड़ के चलते पानी की खपत बढ़ गई है, जिससे झील का स्तर और नीचे चला गया है।झील का जलस्तर लगातार गिर रहाआधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक:2020: 7 फीट2021: 2.1 फीट2022: 7.4 फीट2023: 5.1 फीट2024: 4.4 फीट2025: 4.2 फीटइस साल झील का जलस्तर पिछले साल के मुकाबले 2 इंच कम हो गया है।अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 तक नैनीताल में न के बराबर बारिश और बर्फबारी हुई, जिससे झील को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया। उधर, पर्यटन सीजन के चलते होटलों, रेस्टोरेंटों और स्थानीय लोगों द्वारा पानी की खपत बढ़ने से झील पर दबाव और बढ़ गया है।जल संस्थान के मुताबिक, नगर को 22 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन अब सिर्फ 10 एमएलडी पानी ही सप्लाई हो पा रहा है। हालात काबू में रखने के लिए रोस्टिंग (बारी-बारी से पानी सप्लाई) शुरू कर दी गई है।लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बीरेंद्र कुमार ने बताया कि झील के जलस्तर में गिरावट का मुख्य कारण बारिश न होना और बढ़ती खपत है। उन्होंने कहा कि झील से जुड़े नाले और गधेरों की सफाई कर दी गई है, ताकि बारिश होने पर पानी सीधा झील में पहुंचे और जलस्तर बढ़ सके।उन्होंने आगे बताया कि झील की डिसिल्टिंग (गाद निकालने) के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और धन आवंटन मिलते ही जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। नैनीताल नगर पालिका और प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से पानी की बचत करने और झील को प्रदूषण मुक्त रखने की अपील की है।लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बीरेंद्र कुमार ने बताया कि नैनीझील हमारी धरोहर और जीवनरेखा है। इसे बचाने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा।अगर जल्द ही बारिश नहीं हुई और झील का जलस्तर ऐसे ही गिरता रहा, तो नैनीताल को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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संपादक –

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