उत्तराखण्ड
नैनीताल : विरासत उत्तराधिकार,जन्म–मृत्यु पंजीकरण, समेत कई अन्य विवादों का हुआ निस्तारण..
आज जिलाधिकारी हरिद्वार एवं नैनीताल द्वारा मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा अन्य सचिवगण के समक्ष ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्य सचिव महोदय एवं अपर मुख्य सचिव महोदय द्वारा जिलाधिकारी नैनीताल के नेतृत्व में विगत लगभग तीन माह में गठित राजस्व प्रवर्तन टीम (RET) द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की गई।
विशेष रूप से निम्नलिखित कार्यों को सराहनीय बताया गया—
विरासत उत्तराधिकार (दाखिल-खारिज) के लंबे समय से लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण।
मेड, रास्ता, चकरोड़, गूल, सीमा विवाद एवं गलती-दुरुस्ती से संबंधित प्रकरणों का समाधान।
जन्म–मृत्यु पंजीकरण से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण।
मुख्य सचिव महोदय द्वारा कहा गया कि यह राजस्व विभाग का मूल दायित्व है, जिसे प्रभावी रूप से क्रियान्वित कर राजस्व विभाग की कार्यक्षमता एवं प्रतिष्ठा को सुदृढ़ किया गया है। इससे आम जनता में सरकार एवं सरकारी कर्मियों की सकारात्मक छवि बनी है।
सचिव महोदय एवं जिलाधिकारी हरिद्वार द्वारा भी इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताते हुए, इसे मानक कार्यप्रणाली (SOP) के रूप में अपने जनपद में लागू करने हेतु मांगा गया।
वारिसान कार्यवाही एवं राजस्व प्रवर्तन टीम के गठन तथा उसके कार्यों को राजस्व विभाग के गौरव की पुनर्स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया। साथ ही, मृत्यु पर शोक संदेश एवं जन्म पर बधाई संदेश के साथ संबंधित वारिसान एवं प्रमाण पत्र प्रेषित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।





