उत्तराखण्ड
रानीखेत: सिडबी क्लस्टर इंटरवेंशन प्रोग्राम के तहत मछखाली, होमस्टे उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

रानीखेत: भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) क्लस्टर इंटरवेंशन प्रोग्राम (CIP) और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होमस्टे उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 मार्च 2025 से 30 मार्च 2025 तक चला, जिसमें उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों के 20 होमस्टे उद्यमियों ने भाग लिया।तीसरे बैच का आयोजन मछखाली, रानीखेत स्थित होटल डोलिया पहाड़ी में किया गया। समापन समारोह में विधानसभा सदस्य प्रमोद नैनवाल, अल्मोड़ा डीटीडीओ प्रकाश सिंह खत्री, ऑर्गेनिक बोर्ड से डॉ. डी.एस. नेगी, अविनाश देव समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।समापन समारोह में विधायक प्रमोद नैनवाल ने कहा कि होमस्टे उद्यमियों को अपनी पारंपरिक और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजते हुए अतिथियों का सत्कार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सिडबी क्लस्टर इंटरवेंशन प्रोग्राम के तहत उत्तराखंड में पर्यटन उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, होमस्टे को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने और नेटवर्किंग के महत्व पर भी जोर दिया गया ताकि अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।Learnet के मास्टर ट्रेनरों द्वारा होमस्टे उद्यमिता, उत्तराखंड में पर्यटन विकास, विपणन (मार्केटिंग), ग्राहक सेवा और डिजिटल ज्ञान से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।होमस्टे व्यवसाय को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना, उत्तराखंड में सतत पर्यटन विकास के लिए प्रयास, ग्राहक सेवा और ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली का महत्व।इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के होमस्टे व्यवसायों को डिजिटल प्लेटफार्मों जैसे uttarastays.com से जोड़ने पर चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि कैसे ऑनलाइन लिस्टिंग, निर्बाध बुकिंग प्रक्रिया और ग्राहक सहायता प्रणाली के माध्यम से होमस्टे व्यवसाय को बढ़ाया जा सकता है।इस कार्यक्रम में बाजोली, सोली, थाना, ताकुला, कौसानी, मछखाली, धमास आदि क्षेत्रों से आए 20 होमस्टे उद्यमियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान Learnet के मास्टर ट्रेनर दीपिका बंगारी और ललित, सहित प्रतिभागी विजय सिंह बिष्ट, नीतू कपकोटी, रामा देवी, सुरेंद्र सिंह कोरबी, महेंद्र सिंह बोरा, राजेंद्र सिंह बिष्ट, अंजना कुमारी आदि मौजूद रहे।SIDBI और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और होमस्टे उद्यमियों को सशक्त बनाया जाएगा। इस पहल से स्थानीय उद्यमियों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ उत्तराखंड के ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।







