उत्तराखण्ड
हल्द्वानी : गूगल मीट के जरिए उत्तराखण्ड उपनल संविदा कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण ऑनलाइन की गई बैठक…
आज हल्द्वानी में गूगल मीट के माध्यम से उत्तराखण्ड उपनल संविदा कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश भर से पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में हाल ही में जारी अनुबंध के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में इसका कड़ा विरोध दर्ज किया।
बैठक में सर्वप्रथम प्रदेश उपाध्यक्ष श्री पूरन भट्ट ने अपने वक्तव्य में कहा कि उपनल कर्मचारियों ने वर्षों तक संघर्ष कर जो अधिकार हासिल किए, यह अनुबंध उन्हें पुनः अस्थायी और असुरक्षित स्थिति में धकेलने का प्रयास है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इसके पश्चात संघ के सलाहकार श्री मनोज जोशी ने कहा कि वर्ष 2018 से प्रारंभ हुई इस लंबी कानूनी लड़ाई का उद्देश्य अनुबंध आधारित शोषणकारी व्यवस्था से मुक्ति पाना था, लेकिन वर्तमान अनुबंध उसी व्यवस्था को नए रूप में लागू करने का प्रयास है, जो न्याय की भावना के विपरीत है।
इसके बाद प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री तेजा बिष्ट ने कहा कि यह अनुबंध आर्थिक रूप से भी कर्मचारियों के लिए नुकसानदायक है, क्योंकि इसमें वेतनमान के स्थान पर फिक्स मानदेय दिया जा रहा है तथा महंगाई भत्ते सहित अन्य लाभों को सीमित किया गया है, जो कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है।
अंत में प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश शर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि उपनल कर्मचारियों का यह संघर्ष वर्षों पुराना है, जिसमें 12.11.2018 के निर्णय के बाद भी लगातार उच्च न्यायालय, उच्चतम न्यायालय तथा वर्ष 2024 से अवमानना याचिका में कई बार सुनवाई हो चुकी है। इतने लंबे संघर्ष के बाद भी 02 अप्रैल 2026 को जारी अनुबंध कर्मचारियों को लगभग 8 वर्ष पूर्व की स्थिति में वापस ले जाने की साजिश प्रतीत होता है।
उन्होंने आगे कहा कि जब मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे समय में इस प्रकार का अनुबंध लाना और कर्मचारियों पर हस्ताक्षर का दबाव बनाना पूरी तरह अनुचित है। यह न केवल कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके संघर्ष के साथ भी अन्याय है।
संघ की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह अनुबंध कर्मचारियों के हित में नहीं है और इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। साथ ही सरकार से मांग की गई कि इस अनुबंध को तत्काल निरस्त करते हुए तथा विलय पत्र जारी करते हुवे उपनल कर्मचारियों के लिए स्थायी, न्यायसंगत एवं सुरक्षित व्यवस्था लागू की जाए।
बैठक में सर्वश्री गणेश गोस्वामी, राकेश जोशी मनोज गड़कोटी, प्रमोद गुसाईं, नीतिन कुमार, विनोद बिष्ट, त्रिभुवन बसेड़ा, नरेश थपलियाल,अचल वर्मा, कमल गढ़िया, योगेश भाटिया, अनिल कोटियाल, संदीप कुमार, आदि उपस्थित थे।
— प्रदेश अध्यक्ष
(रमेश शर्मा)
उत्तराखण्ड उपनल संविदा कर्मचारी संघ





