उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: RTO संदीप सैनी ने किया एटीएस सेंटर का औचक निरीक्षण, कई वाहन फिटनेस मानकों पर नहीं उतरे खरे…

हल्द्वानी: संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी और एआरटीओ प्रशासन बिपिन कुमार ने आज दोपहर एटीएस सेंटर का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण विभिन्न वाहन यूनियनों द्वारा सेंटर की पारदर्शिता को लेकर दी गई शिकायतों के मद्देनजर किया गया था।
निरीक्षण के समय 18-20 वाहन फिटनेस जांच के लिए आए हुए थे। केंद्र पर सभी कर्मचारी उपस्थित थे, और रिसेप्शन काउंटर सहित पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके थे। हालांकि, उस समय तक किसी भी वाहन का भौतिक निरीक्षण नहीं किया गया था। अधिकारियों द्वारा वाहनों की जांच करने पर कई वाहनों में गंभीर खामियां पाई गईं।
इन वाहनों में पाई गईं कमियां:
- स्कूल बस (सेंट थेरेसा स्कूल की) – बस की भौतिक स्थिति खराब थी, अंदर की स्थिति भी असंतोषजनक थी। जीपीएस और स्पीड गवर्नर भी सही ढंग से काम नहीं कर रहे थे।
- गौला क्षेत्र के दो डंपर – टायरों की स्थिति बेहद खराब थी, लाइट और वाइपर भी नहीं थे।
- दो ऑटो – सीटें फटी हुई थीं और खराब स्थिति में थीं।
- एक कैंटर – टायर पूरी तरह घिस चुके थे और एक नंबर प्लेट भी गायब थी।
- रोडवेज की दो बसें – दोनों के हॉर्न काम नहीं कर रहे थे।
- एक हाईवा डंपर – शीशा टूटा हुआ था और प्रेशर हॉर्न लगा था।
सिर्फ दो वाहन फिट पाए गए
निरीक्षण में मौजूद “Beersheeba School” की एक बस और एक डिजायर टैक्सी की स्थिति अच्छी पाई गई। इन्हें ऑटोमेटेड लेन पर फिटनेस जांच के लिए निर्देशित किया गया।
सेंटर मैनेजर राजू जोशी को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक वाहन की भौतिक स्थिति को एटीएस सेंटर में प्रवेश से पहले जांचा जाए। यदि वाहन में कोई कमी पाई जाती है, तो वाहन स्वामी को मोटर वाहन नियमावली के तहत लिखित सूचना दी जाए, ताकि वे सुधार के बाद वाहन पुनः फिटनेस जांच के लिए ला सकें। वाहन स्वामियों को दस्तावेजों की फोटोस्टेट के लिए बाहर न जाना पड़े, इसलिए यदि वे मोबाइल पर दस्तावेज दिखाते हैं, तो उन्हें भी स्वीकार किया जाए। जिन वाहनों में खामियां पाई गईं, उनके संबंध में फोटो सहित प्रमाण संकलित किए जाएं और तभी उनकी फिटनेस जांच पूरी की जाए। शिकायत पेटिका को भी खोला गया, जिसकी चाबी एआरटीओ प्रशासन के पास रहती है। इसमें कोई शिकायत नहीं मिली। सेंटर मैनेजर को सख्त निर्देश दिए गए कि किसी भी वाहन स्वामी से अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए। जिन वाहनों को भौतिक निरीक्षण में अनफिट पाया गया, वे केवल आवश्यक सुधार और फोटो प्रमाण के बाद ही फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे। संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी ने कहा कि वाहनों की फिटनेस जांच में पारदर्शिता और सख्ती सुनिश्चित की जाएगी ताकि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके।







