उत्तराखण्ड
हल्द्वानी: नन्ही मेहर कौर ने रचा इतिहास, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम, दीजिए बधाई
हल्द्वानी: प्रदेश के लिए गर्व का क्षण तब आया जब हल्द्वानी की नन्ही प्रतिभा बेबी मेहर कौर का नाम आधिकारिक रूप से World Book of Records में दर्ज किया गया। महज़ 1 वर्ष 7 माह की आयु में मेहर कौर ने 25 सामान्य ज्ञान प्रश्नों के सही उत्तर देकर असाधारण बुद्धिमत्ता, अद्भुत स्मरण शक्ति और उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता का परिचय दिया। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि अभूतपूर्व मानी जा रही है।उपलब्ध सूचनाओं और विभिन्न रिकॉर्ड प्लेटफॉर्म के अनुसार, 1 वर्ष 7 माह से कम आयु के किसी बच्चे द्वारा इस प्रकार की उपलब्धि का कोई पूर्व प्रलेखित उदाहरण सामने नहीं आया है। इस उपलब्धि ने मेहर को वैश्विक पहचान दिलाई है। मेहर कौर, डॉ. हरलीन कौर और डॉ. गुर्रौनक सिंह की सुपुत्री हैं। परिजनों के अनुसार, मेहर ने बहुत कम उम्र से ही तेज अवलोकन क्षमता और शीघ्र सीखने की प्रतिभा प्रदर्शित की। घर का सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण उसकी प्रतिभा को निखारने में सहायक बना।मेहर को आधिकारिक प्रमाणपत्र 9 फरवरी 2026 को इंदौर में आयोजित “World Book of Records Summit & Awards” समारोह में प्रदान किया गया।इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए Santosh Shukla, सीईओ, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मेहर की प्रतिभा की सराहना की और कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर बच्चों की क्षमता असीमित होती है। ब्रिटेन की Labour Party के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद Virendra Sharma ने भी मेहर को शुभकामनाएँ देते हुए इसे भारत और वैश्विक समुदाय के लिए गौरव का विषय बताया।इसके अतिरिक्त, ज्यूरिख (स्विट्ज़रलैंड) स्थित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संरक्षक Wilhelm Jezler और Poonam Jezler ने भी मेहर को आशीर्वाद और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।मेहर कौर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से हल्द्वानी सहित पूरे उत्तराखंड में खुशी और गर्व का वातावरण है।यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि उम्र उत्कृष्टता की बाधा नहीं होती। उचित प्रोत्साहन, स्नेह और सकारात्मक वातावरण मिलने पर बच्चे असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं। मेहर कौर की यह उपलब्धि न केवल हल्द्वानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला रही है, बल्कि अभिभावकों और बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है।





