उत्तराखण्ड
हरिद्वार: खनन विभाग की बड़ी कार्रवाई, निदेशक राजपाल लेघा के निर्देशन में हरिद्वार और लक्सर में 14 स्टोन क्रेशर सीज, 10 करोड़ से अधिक जुर्माना
हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के सख्त निर्देशों के बाद उत्तराखण्ड में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में प्रवर्तन दल ने हरिद्वार और लक्सर क्षेत्र में स्थापित स्टोन क्रेशरों पर छापेमारी की। इस विशेष अभियान में तहसील हरिद्वार के ग्राम बाडीटीप और तहसील लक्सर के फतवा, महतौली, मुज्जफरपुर गुजरा, नेहन्दपुर व जवाहरखान (झीवरहेड़ी) क्षेत्रों में संचालित कुल 14 स्टोन क्रेशरों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।निदेशक राजपाल लेघा के निर्देश पर सभी संबंधित स्टोन क्रेशरों की पैमाइश कर उन्हें मौके पर ही सीज कर दिया गया। साथ ही, उनके ई-रवन्ना पोर्टल को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है, जिससे खनिज परिवहन पूरी तरह रोक दिया गया है।प्राथमिक जांच में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के स्पष्ट प्रमाण मिलने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ एमएमडीआर एक्ट 1957 की धारा 23C तथा उत्तराखण्ड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन स्टोन क्रेशरों पर कुल मिलाकर 10 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जाना प्रस्तावित है।इस कार्रवाई में उप निदेशक, खान अधिकारी, जिला खान अधिकारी हरिद्वार सहित विभाग के कई अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी शामिल रहे। राजपाल लेघा ने निर्देशन में की गई इस सख्त कार्रवाई को प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है, जिससे भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।





